ग्वालियर रोड मंदिर में हुआ सुंदरकांड पाठ उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगर झांसी के अंतर्गत आने वाले ग्वालियर रोड पर स्थित प्रसिद्ध खेड़ापति हनुमान मंदिर में साप्ताहिक धार्मिक अनुष्ठान के तहत सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में क्षेत्र के तमाम श्रद्धालु और बजरंग भक्त बड़ी संख्या में शामिल हुए। मंदिर परिसर को फूलों और दीपों से बहुत ही सुंदर ढंग से सजाया गया था जिससे वहां का पूरा वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो गया था। शाम ढलते ही मंदिर के भीतर और बाहर भक्तों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी जिन्होंने एक स्वर में पवित्र सुंदरकांड के छंदों का सस्वर पाठ किया। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने हनुमान जी की आराधना करते हुए अपने जीवन की सुख-शांति और मंगलमय भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में मंदिर समिति की ओर से सभी भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया जिसे पाने के लिए लोगों में काफी उत्साह देखा गया।
साप्ताहिक आयोजनों से जुड़ती है जनआस्था भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में हनुमान मंदिरों का विशेष महत्व होता है और विशेषकर मंगलवार तथा शनिवार के दिन संकटमोचन की आराधना करने की पुरानी परंपरा रही है। झांसी के ग्वालियर रोड पर स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर में हर शनिवार को इस तरह के धार्मिक आयोजनों की एक लंबी और अनवरत परंपरा चली आ रही है। इस प्रकार के सामूहिक अनुष्ठानों से न केवल स्थानीय नागरिकों को धार्मिक ऊर्जा मिलती है बल्कि समाज में आपसी भाईचारा, मेलजोल और सांस्कृतिक एकता की भावना भी मजबूत होती है। व्यस्त जीवनशैली के बीच इस तरह के साप्ताहिक धार्मिक आयोजन लोगों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने और मानसिक शांति प्राप्त करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं। मंदिर कमेटी और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों के सहयोग से हर सप्ताह होने वाले इन आयोजनों में आसपास के मोहल्लों से भी बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं जिससे पूरी स्थानीय संस्कृति जीवंत बनी रहती है।
भक्तों में उत्साह और आगामी धार्मिक पर्व खेड़ापति हनुमान मंदिर में आयोजित इस सुंदरकांड पाठ के सफल संपन्न होने के बाद स्थानीय श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिल रही है। उपस्थित भक्तों का कहना है कि इस तरह के पावन आयोजनों से न केवल क्षेत्र का वातावरण पवित्र होता है बल्कि आने वाली युवा पीढ़ी को भी अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं से जुड़ने का सीधा अवसर मिलता है। आने वाले दिनों में मंदिर समिति की तरफ से ऐसे कई और बड़े धार्मिक कार्यक्रमों और भंडारों की रूपरेखा तैयार की जा रही है ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुण्य का लाभ उठा सकें। झांसी शहर के विभिन्न हिस्सों से आने वाले संभ्रांत नागरिकों और श्रद्धालुओं ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे अनुष्ठान शहर की सामाजिक और आध्यात्मिक धरोहर को सहेजने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन भी आने वाले बड़े धार्मिक मेलों और पर्वों को लेकर अभी से तैयारियों में जुट गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।