सिद्धौर क्षेत्र में भक्ति और धार्मिक अनुष्ठान
बाराबंकी जिले का सिद्धौर विकासखंड और उसके आसपास के इलाके इन दिनों पूरी तरह से मां दुर्गा की आराधना में लीन दिखाई दे रहे हैं। नवरात्रि के अंतिम पड़ाव तक आते-आते यहां स्थापित प्रतिमाओं के निकट भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। इन पूजा स्थलों पर लगातार विभिन्न प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है और साथ ही भक्तों के लिए भंडारों का भी प्रबंध किया गया है। स्थानीय निवासी आयोजन समितियों के साथ मिलकर इन आयोजनों को सुचारू रूप से संपन्न कराने में लगे हुए हैं। नएपुरा घाट और पूरे चंद्रमा जैसे स्थानों पर भी विशेष पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं, जहां ग्रामीण अपनी पूरी श्रद्धा के साथ हिस्सा ले रहे हैं। इन आयोजनों में न केवल स्थानीय लोग बल्कि अन्य क्षेत्रों से भी काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे वहां का पूरा वातावरण भक्ति के रंगों में सराबोर हो गया है।
जागरण और रासलीला का व्यापक आयोजन
भक्ति के इन कार्यक्रमों में संगीत और कला का अद्भुत समावेश भी देखने को मिल रहा है। नसीपुर जागरण समिति द्वारा आज सुल्तानपुर के शर्मा म्यूजिकल ग्रुप को आमंत्रित किया गया है, जिसके माध्यम से देर रात तक जागरण का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में आम जनता के साथ-साथ क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित लोगों की उपस्थिति की प्रबल संभावना है। इसके अलावा सरव नपुर में बड़े पैमाने पर भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। विकास बाजपेई और राहुल बाजपेई जैसे ग्रामीण इस पूरे धार्मिक आयोजन की व्यवस्था का संचालन कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ मिर्चिया गांव की जिम्मेदारी शशांक चौरसिया संभाले हुए हैं, जिनके नेतृत्व में वहां नियमित रूप से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रसूलपुर, कैसरगंज, मीरापुर, असंद्रा और नई सड़क जैसे इलाकों में रासलीला का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है और लोग काफी उत्साह के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
विसर्जन की तैयारी और प्रशासनिक व्यवस्थाएं
नवरात्रि की समाप्ति विजया दशमी के दिन होगी, जिसके साथ ही देवी प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम भी शुरू कर दिया जाएगा। प्रशासन ने इन आयोजनों की गंभीरता को समझते हुए विसर्जन घाटों पर अपनी तैयारियां पूरी तरह से तेज कर दी हैं। अब तक शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे इन अनुष्ठानों के बाद विसर्जन प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि भक्त बिना किसी बाधा के प्रतिमा विसर्जन का कार्य पूरा कर सकें। आयोजन समितियों और ग्रामीण आयोजकों के समन्वय से सभी स्थानों पर कार्यक्रमों का स्वरूप व्यवस्थित बना हुआ है। शारदीय नवरात्रि का यह अंतिम चरण बाराबंकी के सिद्धौर सहित आसपास के सभी ग्रामों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बना हुआ है। लोग आस्था के साथ इन कार्यक्रमों में सम्मिलित हो रहे हैं और विजया दशमी के दिन देवी विदाई के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं।