कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जामनगर जाना क्या भारत की अहमियत बताता है?      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      असम सरकार का बड़ा फैसला, रिटायरमेंट से 1 साल पहले शुरू होगी पेंशन की प्रक्रिया      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
धर्म

भव्य दीपोत्सव: अयोध्या राम मंदिर परिसर के 18 मंदिरों में पहली बार सजेगा दीपों का संसार

अयोध्या के राम मंदिर परिसर में इस बार एक नया धार्मिक इतिहास रचा जाएगा। परिसर के कुल 18 मंदिरों में पहली बार एक साथ दीये जलाए जाएंगे। इस अभूतपूर्व आयोजन से पूरी नगरी का आध्यात्मिक वातावरण और अधिक पावन हो उठेगा।

A
Ankit Yadav
07 अक्ट 2026, 13:05
भव्य दीपोत्सव: अयोध्या राम मंदिर परिसर के 18 मंदिरों में पहली बार सजेगा दीपों का संसार

राम मंदिर परिसर में पहली बार दीपोत्सव का ऐतिहासिक आयोजन

उत्तर प्रदेश के धार्मिक नगर अयोध्या में स्थित राम जन्मभूमि परिसर को लेकर एक अत्यंत सुंदर और भव्य धार्मिक समाचार सामने आया है। इस बार राम मंदिर परिसर के भीतर बने सभी अठारह मंदिरों में पहली बार दीपों का एक विशाल संसार सजाया जाएगा। इस अनूठी पहल के तहत राम मंदिर के अलावा परिसर में स्थित अन्य सभी निर्धारित मंदिरों को भी दीपों की रोशनी से जगमग किया जाएगा। जिला प्रशासन और मंदिर न्यास से जुड़े लोग इस आयोजन को बेहद खास बनाने की तैयारियों में पूरी तरह से जुटे हुए हैं। सामान्य दिनों में इन परिसरों में प्रकाश की व्यवस्था रहती है परंतु पहली बार इस प्रकार से दीपों की भव्य श्रृंखला सजाने की योजना बनाई गई है। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान प्रत्येक मंदिर के आगे और उसके चारों ओर हजारों की संख्या में मिट्टी के दीये प्रज्वलित किए जाएंगे। इससे राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को एक बेहद अलौकिक और दिव्य दर्शन का अनुभव प्राप्त होगा। अयोध्या की इस पावन भूमि पर होने वाले इस आयोजन की गूंज देश और दुनिया भर के राम भक्तों तक पहुंचेगी।

अठारह मंदिरों को रोशन करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां

मंदिर न्यास के अधिकारियों और व्यवस्था से जुड़े कार्यकर्ताओं ने इस भव्य आयोजन के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। अठारह अलग-अलग मंदिरों को चिह्नित किया गया है जहाँ इस बार विशेष रूप से दीप जलाए जाने की पूरी योजना तैयार की गई है। इन सभी मंदिरों के गर्भगृह के बाहर मंडपम और परिक्रमा मार्ग को पारंपरिक दीपों और आधुनिक रोशनी से सजाया जाएगा। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच स्वयंसेवक और श्रद्धालु इस दीपमाला को प्रज्वलित करने के कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस आयोजन में उपयोग होने वाले दीयों की संख्या बहुत अधिक होगी जिसके लिए स्थानीय कुम्हारों और कारीगरों से संपर्क किया गया है। हर एक मंदिर की अपनी अलग विशेषता और पौराणिक महत्व है जिसे इन दीपों की रोशनी के माध्यम से और अधिक प्रखर रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने भी इस बड़े धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए अपनी ओर से पूरी मुस्तैदी दिखाई है। आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के वास्ते विशेष मार्ग निर्देशिका भी तैयार की जा चुकी है ताकि हर कोई इस अद्भुत दृश्य को बिना किसी असुविधा के देख सके।

अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा का बढ़ता प्रभाव

अयोध्या में इस प्रकार के बड़े और भव्य आयोजनों की श्रृंखला का सनातन संस्कृति में बहुत गहरा और ऐतिहासिक महत्व होता है। जब राम मंदिर परिसर के इन अठारह मंदिरों में पहली बार दीपों का संसार सजेगा तो यह क्षण हर सनातनी के लिए गर्व का विषय बनेगा। इस परंपरा के शुरू होने से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि अयोध्या की प्राचीन संस्कृति का संदेश वैश्विक स्तर पर प्रसारित होगा। देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु इस अद्वितीय उत्सव के गवाह बनेंगे जो अपने आप में एक स्थायी और यादगार अनुभव होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की पहल से शहर की अर्थव्यवस्था और धार्मिक गतिविधियों में भी सकारात्मक गति आएगी। राम मंदिर निर्माण के बाद से ही अयोध्या का लगातार कायाकल्प हो रहा है और इस तरह के नए आयोजन इस दिशा में एक और बड़ा कदम साबित हो रहे हैं। भविष्य में भी इस परंपरा को और अधिक व्यापक रूप दिए जाने की प्रबल संभावना है जिससे आने वाली पीढ़ियां अपनी समृद्ध संस्कृति से जुड़ी रहेंगी। यह आयोजन अयोध्या की पावन भूमि पर आस्था और उल्लास के एक नए युग के सूत्रपात का प्रतीक है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज