दिव्य फूलों से सजा मंदिर परिसर
पयागपुर के प्रसिद्ध बाबा रामप्रकाश मंदिर में हाल ही में शयन आरती का एक बहुत ही सुंदर और भव्य आयोजन संपन्न हुआ जिसमें सैकड़ों भक्तों ने हिस्सा लिया। इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने के लिए अयोध्या से विशेष रूप से कई प्रकार के रंग-बिरंगे और ताजे फूल मंगाए गए थे। इन फूलों की मनमोहक महक और सजावट ने पूरे मंदिर परिसर के वातावरण को पूरी तरह से भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया। कुशल कारीगरों ने कई घंटों तक लगातार कड़ी मेहनत करके बाबा रामप्रकाश जी के इस स्वरूप को अत्यंत सुंदर और आकर्षक रूप से सजाया। मंदिर की इस अद्भुत छटा को अपनी आँखों से देखने के लिए शाम ढलते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और हर कोई भगवान की एक झलक पाने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहा था। दर्शन के लिए आने वाले सभी भक्तों ने इस दिव्य स्वरूप के दर्शन करके अपने जीवन को धन्य बनाया और मन में अगाध श्रद्धा का अनुभव किया। परिसर में गूंजती भक्ति की धुनों और सुवासित फूलों के बीच बिताया गया यह समय सभी उपस्थित लोगों के लिए एक अत्यंत ही यादगार और शांतिपूर्ण अनुभव बन गया था।
वैदिक मंत्रोच्चार और शंख ध्वनि के बीच महाआरती
मंदिर के मुख्य पुजारी विष्णु पुजारी ने पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए महाआरती की शुरुआत की। इस पावन अवसर पर उनके द्वारा बजाए गए शंख की गूंज से पूरा इलाका और मंदिर का हर कोना गूंज उठा। महाआरती के शुरू होते ही वहाँ मौजूद सभी श्रद्धालुओं ने एक स्वर में जय बाबा रामप्रकाश और हर-हर महादेव के जोरदार जयकारे लगाने शुरू कर दिए। इन गगनभेदी नारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा और वहाँ का पूरा माहौल पूरी तरह से भक्ति और उत्साह में डूब गया। इस गरिमामयी और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण आयोजन में क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित और गणमान्य लोग भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सामाजिक कार्यकर्ता ओमप्रकाश मिश्रा और पंकज शुक्ला जैसे प्रमुख लोग भी इस भव्य शयन आरती में शामिल हुए और उन्होंने भगवान की आराधना की। अनुष्ठान की संपूर्णता के बाद मंदिर समिति की ओर से वहाँ उपस्थित सभी छोटे-बड़े भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया जिसे सभी ने बड़े चाव और आदर के साथ ग्रहण किया। पुजारियों और गणमान्य नागरिकों की सक्रिय उपस्थिति ने इस पूरे धार्मिक कार्यक्रम को और भी अधिक भव्य और अनुशासित बना दिया।
देर रात तक चला भक्तिमय कार्यक्रम
मंदिर में आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम रात के काफी देर तक अत्यंत उत्साह और उल्लास के साथ जारी रहा। क्षेत्र के तमाम स्थानीय नागरिकों ने इस अनूठे आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और रात के समय भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस तरह के आयोजनों से स्थानीय समुदाय में आपसी भाईचारा, मेलजोल और धार्मिक आस्था की भावना और अधिक मजबूत होती है। लोगों का मानना है कि इस प्रकार के सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव समाज को एकजुट रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं। आने वाले दिनों में मंदिर समिति इस तरह के और भी कई आयोजनों की रूपरेखा तैयार कर सकती है ताकि अधिक से अधिक लोग जुड़ सकें। कार्यक्रम के समापन के बाद भी लोगों के चेहरों पर एक अलग ही संतोष और प्रसन्नता साफ तौर पर देखी जा सकती थी। इस सफल आयोजन ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि क्षेत्र के लोगों की आस्था अपने आराध्य के प्रति कितनी गहरी और अटूट है। सभी ने इस आयोजन की सफलता के लिए मंदिर के पुजारियों और व्यवस्था से जुड़े कार्यकर्ताओं का तहे दिल से आभार व्यक्त किया।