तिलोई में रामकथा का भव्य आयोजन
अमेठी जिले के तिलोई में शुक्रवार की रात एक भव्य श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह मुख्य रूप से शामिल हुए। यह कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 6 बजे से लेकर देर रात 11 बजे तक संचालित किया जा रहा है। कथा का वाचन शांतनु महाराज द्वारा किया जा रहा है, जिसे सुनने के लिए हर रोज हजारों की संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। शुक्रवार की रात आयोजित कार्यक्रम में धार्मिक उत्साह के साथ ही राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी भी स्पष्ट रूप से देखी गई। इस दौरान पूरे पंडाल में भक्ति का माहौल छाया रहा और श्रद्धालु कथा का आनंद लेते हुए नजर आए। कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री ने मंच से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए एक विशेष धार्मिक उद्घोष भी करवाया, जो इस पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण बन गया। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से वहां उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
राज्यमंत्री द्वारा लगाए गए विशेष नारे
कार्यक्रम के दौरान मंच से स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने जनता को संबोधित किया और एक विशिष्ट नारा लगवाया। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि यदि हिंदुस्तान में रहना है तो राधे-राधे कहना है, और यदि वृंदावन में रहना है तो राधे-राधे कहना है। उनके इस आह्वान के बाद पूरा पंडाल जय श्रीराम और राधे-राधे के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान वहां पड़ोसी जिले रायबरेली से आए राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह और गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह भी मौजूद थे। इन नेताओं की उपस्थिति ने इस धार्मिक मंच को राजनीतिक रूप से भी चर्चा में ला दिया। मंच पर बैठे जनप्रतिनिधियों और नीचे बैठे हजारों श्रद्धालुओं के बीच भक्ति का एक गहरा भाव देखने को मिला। मयंकेश्वर शरण सिंह ने न केवल खुद नारा लगाया बल्कि वहां मौजूद भारी भीड़ से भी राधे-राधे और जय श्रीराम के उद्घोष करवाए। यह पूरा दृश्य आयोजन के दौरान भक्ति और सियासी रंग के मिश्रण के रूप में उभर कर सामने आया।
क्षेत्र में आयोजन का व्यापक प्रभाव
तिलोई में चल रहे इस श्रीराम कथा आयोजन का स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रभाव दिख रहा है। कथा वाचक शांतनु महाराज के ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में लगातार बढ़ रही भीड़ इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्र के निवासियों में धार्मिक आयोजनों के प्रति काफी उत्साह है। मयंकेश्वर शरण सिंह द्वारा आयोजित इस कथा के माध्यम से न केवल धार्मिक शिक्षाएं दी जा रही हैं, बल्कि जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच सीधा संवाद भी स्थापित हो रहा है। रायबरेली और आसपास के अन्य क्षेत्रों के नेताओं की मौजूदगी यह बताती है कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। आने वाले दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के इस कथा में पहुंचने की उम्मीद है। यह आयोजन क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बनाए रखने के साथ ही राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का केंद्र भी बन गया है, जो स्थानीय जनता के लिए आकर्षण का मुख्य विषय है।