प्रशासनिक अधिकारियों ने किया विसर्जन स्थलों का निरीक्षण
शनिवार को सोहावल के एसडीएम आदित्य विक्रम अग्रवाल, ट्रैफिक सीओ सुनील, खंड विकास अधिकारी तथा नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी ने दुर्गा पूजा की तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों की इस टीम ने सरयू नदी के किनारे स्थित ढेमवा घाट का दौरा किया, जो कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का मुख्य स्थल है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्यौहार के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। अधिकारियों ने विसर्जन स्थल पर की जा रही तैयारियों की बारीकी से जांच की और वहां मौजूद व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। घाट पर भीड़ को नियंत्रित करने और प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया को निर्बाध बनाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। यह निरीक्षण दुर्गा पूजा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रशासन की व्यापक योजना का हिस्सा है ताकि आयोजन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहे।
पूजा पंडालों और सुरक्षा इंतजामों की सघन जांच
विसर्जन स्थल के अलावा, प्रशासनिक दल ने क्षेत्र के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों का भी दौरा किया। इन पंडालों में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं, इस बात की गहन समीक्षा अधिकारियों द्वारा की गई। एसडीएम आदित्य विक्रम अग्रवाल, सीओ सुनील, खंड विकास अधिकारी और अधिशासी अधिकारी ने पंडालों के आसपास सुरक्षा की स्थिति को परखा। प्रशासन चाहता है कि त्यौहार के दौरान पूजा स्थलों पर आने वाले भक्तों की सुरक्षा में कोई कमी न रहे। संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे पूजा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को पूरी तरह से दुरुस्त कर लें। पंडालों में अग्निशमन और भीड़ प्रबंधन के उपायों पर भी ध्यान दिया गया है। अधिकारियों की टीम ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है ताकि त्यौहार के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना न रहे।
त्यौहार को शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन की तैयारी
दुर्गा पूजा और प्रतिमा विसर्जन के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और तैयार है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि त्यौहार के दौरान श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए और पूरा आयोजन बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होना चाहिए। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी संबंधित विभागों को अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए पहले ही सूचित कर दिया गया है। प्रशासन की इस सक्रियता का मुख्य कारण त्यौहार के दौरान क्षेत्र में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करना है। यह तैयारियों का दौर आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है क्योंकि विसर्जन और मुख्य पूजा की तारीखें नजदीक हैं। स्थानीय स्तर पर की जा रही यह व्यापक सुरक्षा घेरेबंदी प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है ताकि लोग बिना किसी डर के अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें।