कंटाप
NEWS
गुरुवार, 3 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
अभिनंदन वर्तमान प्राइवेट एयरलाइन कंपनी में बने पायलट, जानिए 2019 में क्या हुआ था      'RSS चीफ मोहन भागवत का कार्यक्रम रोकें', ब्रिटेन में 15 संगठनों ने लंदन मेयर सादिक खान को लिखी चिट्ठी      "जोरावर टैंक से बढ़ेगा भारत-बेल्जियम का रिश्ता", डील हुई पक्की, MoU साइन करने के बाद बोले पीएम मोदी      अभिजीत दीपके अपनी डिग्री दिखाने को तैयार, लेकिन पीएम मोदी का नाम ले रख दी एक शर्त      नेपाल की खौफनाक बाढ़: 22 लाख टन मलबा, 84 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित; 2,359 इमारतों को नुकसान      Iran-US War Live: खून से सने अमेरिका के हाथ, ईरान का दावा- 105 बच्चों और महिलाओं पर हमला      तेलंगाना कांग्रेस में विवाद, सीएम रेवंत रेड्डी ने कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाया, बेटी का बयान बना वजह      UP Weather 3 September: यूपी में आज बरस के बादल लेंगे दो दिन का ब्रेक, पारा भी गिरा     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
धर्म

कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व: 'वो किसना है' और 'मैया यशोदा' जैसे गानों के बिना अधूरा है उत्सव

भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व जन्माष्टमी बिना पारंपरिक और लोकप्रिय बॉलीवुड गीतों के अधूरा सा लगता है। संगीत इस त्योहार के उल्लास को कई गुना बढ़ा देता है।

A
Ankit Yadav
03 सित 2026, 16:44
कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व: 'वो किसना है' और 'मैया यशोदा' जैसे गानों के बिना अधूरा है उत्सव
सनातन संस्कृति में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी का विशेष स्थान है। इस दिन देश भर के मंदिरों और घरों में विशेष उत्सव का माहौल देखने को मिलता है। लोग व्रत रखते हैं, रात के बारह बजे का इंतजार करते हैं और कान्हा के बाल रूप का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाते हैं। इस पूरे उत्सव को और भी ज्यादा जीवंत बनाने में संगीत की एक बेहद अहम भूमिका होती है। जब तक कान्हा की महिमा का गुणगान करने वाले बेहतरीन और लोकप्रिय गीत न बजें, तब तक त्योहार का रंग पूरी तरह से नहीं चढ़ता है। हर साल इस मौके पर लोग अपने घरों और पंडालों में पारंपरिक भजनों के साथ-साथ बॉलीवुड के चुनिंदा गीतों को बजाकर माहौल को भक्तिमय और आनंदित बना देते हैं।

सदाबहार गानों का जादू

बॉलीवुड की दुनिया में भगवान कृष्ण के जीवन, उनकी लीलाओं और उनकी बाल रूप की नटखट हरकतों पर आधारित कई ऐसे शानदार गाने बनाए गए हैं जो आज भी लोगों की जुबान पर रहते हैं। फिल्म 'किसना' का लोकप्रिय गीत 'वो किसना है' आज भी कान्हा के भक्तों के दिलों में एक अलग ही ऊर्जा भर देता है। इसी तरह फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' का प्रसिद्ध गाना 'मैया यशोदा ये तेरा नटखट कान्हा' हर उम्र के लोगों को झूमने पर मजबूर कर देता है। ये सभी गाने सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये श्रोताओं को भगवान कृष्ण की पौराणिक कथाओं और उनकी बाल्यकाल की लीलाओं से सीधे तौर पर जोड़ने का काम करते हैं। जब ये धुनें बजती हैं, तो पूरा वातावरण मानो गोकुल और वृंदावन की गलियों जैसा प्रतीत होने लगता है, जहां हर तरफ बस कान्हा के प्रेम की ही गूंज होती है। पारंपरिक लोकगीतों के साथ-साथ इन आधुनिक फिल्मी धुनों ने त्योहार की सांस्कृतिक भव्यता को और अधिक विस्तारित किया है। स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से लेकर बड़े पैमाने पर होने वाले सार्वजनिक आयोजनों तक, इन गानों के बिना प्रस्तुतियां अधूरी मानी जाती हैं। छोटे-छोटे बच्चों को इन गीतों पर कान्हा और राधा की सुंदर वेशभूषा में थिरकते देखना हर किसी के मन को मोह लेता है। यह संगीत केवल उत्सव का आनंद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं से जोड़े रखने में एक पुल का काम करता है। भक्ति और संगीत का यह खूबसूरत संगम न केवल उत्सव के दौरान लोगों को एक सूत्र में पिरोता है, बल्कि उनके भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। जब मध्य रात्रि को कान्हा का जन्म होता है और उसके तुरंत बाद इन सुरीले गीतों की गूंज सुनाई देती है, तो पूरा माहौल भक्ति के समंदर में डूब जाता है। आने वाले समय में भी जन्माष्टमी का यह पर्व इन अमर गीतों के बिना अधूरा ही रहेगा, क्योंकि ये संगीत और धुनें इस महान पर्व की पहचान का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुकी हैं।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज