श्री रत्नेश्वर महादेव मंदिर में अनुष्ठान
पाकिस्तान की रहने वाली मुंजी गल्हियुन नवरात्रि का पर्व मनाने के लिए श्री रत्नेश्वर महादेव मंदिर पहुंची होती हैं। मंदिर के अंदर प्रवेश करने से पहले वह अपने नंगे पांव रखती हैं और फिर मंदिर के प्रांगण में पहुंचती हैं। मंदिर के अंदर पहुँचने के बाद मुंजी वहां की गई सजावट और मातारानी की मूर्ति को कैमरे के माध्यम से दिखाती हैं। इसके बाद वह खुशी-खुशी गरबा खेलती हैं और माता रानी के दर्शन करती हैं। मंदिर में भजन-कीर्तन और नृत्य का पूरा माहौल देखने को मिलता है। इस दौरान मुंजी पंडित जी से जल ग्रहण करती हैं और फिर मंदिर में आयोजित भंडारे का आनंद लेने के लिए आगे बढ़ती हैं। इस तरह से उन्होंने मंदिर के भीतर पूरे विधि-विधान के साथ इस बड़े त्योहार के अनुष्ठानों में हिस्सा लिया और अपनी इस पूरी यात्रा के दौरान बेहद प्रसन्न नजर आईं।
भंडारे का प्रसाद और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
मंदिर में नवरात्रि के पावन अवसर पर एक विशेष भंडारे का आयोजन किया गया होता है। इस भंडारे में प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को मुख्य रूप से दाल, चावल और पापड़ परोसा जाता है। मुंजी इस प्रसाद को बहुत ही खुशी के साथ प्राप्त करती हैं और उसे अपने साथ लेकर वहाँ से प्रस्थान करती हैं। कराची के इस शिव मंदिर में जिस प्रकार से नवरात्रि का यह पावन उत्सव मनाया जा रहा है, उसकी दैनिक अपडेट्स मुंजी अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर साझा करती रहती हैं। उनके द्वारा अपलोड किए गए ये सभी वीडियो इंटरनेट पर बहुत तेजी से वायरल हो रहे हैं। वह एक सिंधी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं और इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट क्रिएटर के रूप में काम करने का कार्य भी करती हैं। उनके इन वीडियो के माध्यम से लोगों को पाकिस्तान के मंदिरों में चल रहे आयोजनों की पूरी झलक देखने को मिल रही है।
भारतीय इंटरनेट यूजर्स की प्रतिक्रियाएं और शुभकामनाएं
पाकिस्तान के मंदिरों में इस तरह से धूमधाम के साथ नवरात्रि मनाए जाने वाले वीडियो को देखकर भारतीय इंटरनेट यूजर्स भी अपनी तरफ से शुभकामना संदेश लगातार भेज रहे हैं। इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने मजाक के तौर पर यह लिखा कि यह वीडियो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से तैयार किया गया है। वहीं दूसरी तरफ तमाम अन्य यूजर्स का यह कहना था कि भारत के सभी भाइयों की तरफ से आप सबको नवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं प्रेषित की जाती हैं। इसके अलावा कई अन्य लोगों ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस प्रकार की रील को देखना वाकई बहुत अच्छा अनुभव रहा है। कमेंट सेक्शन में ज्यादातर लोगों ने यह विचार व्यक्त किया है कि दुनिया के हर कोने में लोगों को अपने त्योहारों को पूरी स्वतंत्रता के साथ मनाने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए ताकि सभी लोग अपनी संस्कृति का आनंद ले सकें।