राम मंदिर थीम पर बना पंडाल
लखनऊ शहर के जानकीपुरम इलाके में स्थित सेक्टर-ई के दुर्गा पार्क में एक विशेष धार्मिक आयोजन का शुभारंभ हुआ है। इस वर्ष यहां दुर्गा पूजा के लिए राम मंदिर की प्रतिकृति के रूप में एक विशाल पंडाल का निर्माण किया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य बिंदु बन गया है। पंडाल की ऊंचाई, लंबाई और चौड़ाई के आयाम 110-110 फीट निर्धारित किए गए हैं। इस पंडाल के भीतर 18 फीट ऊंची इको-फ्रेंडली यानी पर्यावरण के अनुकूल मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना की गई है। इस संरचना को तैयार करने का कार्य पश्चिम बंगाल के कुशल कारीगरों द्वारा तीन महीने की मेहनत के बाद पूरा किया गया है। इस पूरे आयोजन का भूमि पूजन 17 जुलाई को संपन्न हुआ था। पंडाल को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं और मंदिर की वास्तुकला को पंडाल में देखकर वे काफी उत्साहित महसूस कर रहे हैं।
उद्घाटन और महोत्सव का विवरण
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस विशाल पंडाल का विधिवत उद्घाटन किया और श्रद्धालुओं से मां दुर्गा के दर्शन का आग्रह किया है। कार्यक्रम के दौरान एमएलसी पवन सिंह ने भी उपस्थित रहकर लोगों को इस उत्सव में सम्मिलित होने के लिए प्रोत्साहित किया। समिति के महामंत्री राकेश पांडे के अनुसार, यह आयोजन वर्ष 1995 में शुरू हुआ था और वर्तमान में यह इस महोत्सव का 25वां वर्ष है। पूजा पंडाल के परिसर में आने वाले आगंतुकों और बच्चों की सुविधा के लिए किड्स जोन, विभिन्न प्रकार के फूड स्टॉल और मनोरंजन के लिए झूलों की भी व्यवस्था की गई है। यह धार्मिक महोत्सव 14 अक्टूबर की शाम 6:30 बजे से शुरू हो चुका है और यह आयोजन लगातार 25 अक्टूबर तक चलेगा। आयोजकों ने हर संभव प्रयास किया है कि महोत्सव के दौरान दर्शन करने आने वाले भक्तों को कोई असुविधा न हो।
सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन का महत्व
दुर्गा पूजा महोत्सव के आयोजन को लेकर आयोजकों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे पंडाल परिसर की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों को स्थापित किया गया है ताकि गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए बाउंसरों और सुरक्षा गार्डों की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय पुलिसकर्मी भी लगातार सुरक्षा ड्यूटी पर मुस्तैद हैं। 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुके इस दुर्गा पूजा महोत्सव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व काफी बढ़ गया है। यह आयोजन लखनऊ के स्थानीय लोगों के लिए भक्ति और मनोरंजन का एक बड़ा केंद्र बन गया है। श्रद्धालु न केवल प्रतिमा के दर्शन करने आ रहे हैं, बल्कि पंडाल की भव्यता का अनुभव करने के लिए भी दूर-दूर से पहुंच रहे हैं। आगामी दिनों में भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन सुगम बनाने के लिए समिति विशेष प्रबंधों पर ध्यान दे रही है।