जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो
‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या
फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब
असम सरकार का बड़ा फैसला, रिटायरमेंट से 1 साल पहले शुरू होगी पेंशन की प्रक्रिया
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज
सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे
कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे
‘भारत हम सभी के लिए उम्मीद की किरण’, पोलैंड के प्रधानमंत्री ने की PM मोदी की जमकर तारीफ
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
टैक्स फ्री सौगात: उत्तराखंड सरकार ने 'हनुमान अंश' को किया करमुक्त, सीएम धामी ने नीम करौली बाबा और कैंची धाम की महिमा का किया बखान
उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 'हनुमान अंश' को टैक्स फ्री कर दिया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नीम करौली बाबा के आध्यात्म और कैंची धाम की महत्ता पर अपने विचार साझा किए।
A
Ankit Yadav
06 सित 2026, 11:57
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाते हुए घोषणा की है कि 'हनुमान अंश' को राज्य में पूरी तरह से टैक्स फ्री कर दिया गया है। इस घोषणा के सामने आने के बाद से ही धार्मिक और सांस्कृतिक गलियारों में इसकी चर्चा जोरों पर है। सरकार के इस कदम का उद्देश्य इस विशेष रचना या कृति से जुड़े संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक सुलभ बनाना है, ताकि आध्यात्मिक और धार्मिक विचारों का प्रसार सुगमता से हो सके। इस प्रकार के निर्णय अक्सर कला, संस्कृति और धर्म के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के लिए लिए जाते हैं, जिससे आम जनता और श्रद्धालु दोनों लाभान्वित होते हैं।
नीम करौली बाबा और कैंची धाम का आध्यात्मिक महत्व
उत्तराखंड की भूमि हमेशा से संतों, महर्षियों और आध्यात्मिक गुरुओं की तपोभूमि रही है। मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर आध्यात्मिक जगत के महान संत नीम करौली बाबा का स्मरण करते हुए उनके जीवन और दर्शन पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि वह नीम करौली बाबा के व्यक्तित्व और कृतित्व को गहराई से समझ पाए हैं। नैनीताल के पास स्थित कैंची धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह देश-दुनिया के लाखों श्रद्धालुओं के लिए अटूट आस्था और शांति का एक बड़ा केंद्र बन चुका है। यहां आने वाले हर व्यक्ति को एक अलग ही प्रकार की मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है, जो आधुनिक भागदौड़ भरी जिंदगी में अत्यंत आवश्यक है।
राज्य सरकार द्वारा सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को सहेजने तथा उनके प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह बयान और निर्णय इस बात का प्रमाण है कि सरकार धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक धरोहरों के संरक्षण को कितनी प्राथमिकता दे रही है। कैंची धाम में हर साल लाखों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं, जिनमें देश की कई जानी-मानी हस्तियां भी शामिल हैं। ऐसे में इस प्रकार के नीतिगत निर्णय न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हैं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान को भी वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत करते हैं।
आने वाले दिनों में इस फैसले से जुड़े सकारात्मक प्रभावों को देखने की उम्मीद की जा रही है। स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के बीच भी इस घोषणा का स्वागत किया गया है। सरकार के इस कदम से न केवल सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी एक सकारात्मक संदेश मिलेगा। राज्य प्रशासन की यह पहल धार्मिक और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे भविष्य में भी इस दिशा में और महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की संभावना बनी हुई है।