सूरजकुंड मेले का भव्य आरंभ
दीपावली के करीब आते ही हरियाणा राज्य में सांस्कृतिक आयोजनों और मेलों की रौनक हर तरफ दिखाई देने लगती है। ऐसे आयोजनों में आमजन अपने परिवार के साथ पहुंचकर उत्सव का भरपूर आनंद उठाते हैं। इसी कड़ी में फरीदाबाद शहर के मशहूर सूरजकुंड क्षेत्र में लगने वाले विशेष दिवाली मेले की प्रशासनिक तैयारियां बहुत तेज गति से आगे बढ़ाई जा रही हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्घाटन समारोह आगामी 23 अक्टूबर को तय किया गया है, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचकर इस सांस्कृतिक मेले का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा इस भव्य उत्सव के समापन का दिन भी तय कर लिया गया है। आगामी 26 अक्टूबर को होने वाले इस समापन समारोह में देश के केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इन दोनों बड़े नेताओं के आगमन को लेकर स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़ी सभी सूचियों पर अभी से काम करना शुरू कर दिया है ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
सुरक्षा और सुविधाओं की समीक्षा
उत्सव स्थल पर आने वाले पर्यटकों और शिल्पकारों की सुरक्षा एवं सुविधाओं को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। हाल ही में इस विषय पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त आयुष सिन्हा ने की। इस महत्वपूर्ण बैठक में संबंधित विभागों के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पूरे मेला परिसर के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत रखा जाए ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। बिजली की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष समिति के गठन का निर्णय लिया गया है। इस विशेष समिति में बिजली विभाग के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित महकमों के अधिकारी भी अपनी सेवाएं देंगे। यह टीम अस्थायी कनेक्शनों, बिजली के खंभों और तारों की बारीकी से जांच करेगी ताकि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन हो सके। इसके अलावा परिसर में बनाए जाने वाले सभी स्टॉल और अस्थायी ढांचे भी निर्धारित सुरक्षा मानदंडों के अनुसार ही खड़े किए जाएंगे। आग से बचाव के लिए अग्निशमन व्यवस्था की भी पूरी जांच कराई जाएगी।
सफाई और चिकित्सा के विशेष प्रबंध
मेले के दौरान आने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए साफ-सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशासन की तरफ से यह सख्त निर्देश दिए गए हैं कि मेला परिसर और उसके आसपास के तमाम क्षेत्रों में नियमित रूप से सफाई का काम किया जाए। सीवरेज व्यवस्था और जल निकासी के तंत्र को पूरी तरह से दुरुस्त रखने के आदेश जारी किए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। इसके अतिरिक्त वहां पहुंचने वाले पर्यटकों और अपनी कला का प्रदर्शन करने वाले शिल्पकारों के लिए पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराने के प्रबंध किए जा रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर पानी के विशेष टैंकर भी तैनात किए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर भी पूरी तैयारी है और मेला परिसर के भीतर ही एक पूर्ण रूप से संचालित डिस्पेंसरी बनाई जाएगी। इस चिकित्सा केंद्र पर डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के कर्मचारी मुस्तैद रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरणों से लैस एक एंबुलेंस भी हर समय उपलब्ध रखी जाएगी। यातायात और पार्किंग व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को पहले ही आवश्यक दिशा-निर्देश सौंपे जा चुके हैं।