गोमती घाट पर प्रतिमा विसर्जन का कार्य
कामाख्या धाम स्थित गोमती घाट पर मंगलवार को दुर्गा पूजा की प्रतिमाओं को विसर्जित करने का सिलसिला जारी रहा। इस स्थान पर कुल 65 से भी अधिक प्रतिमाओं को जल में विसर्जित किया गया है। उत्सव के बाद श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था के साथ देवी की मूर्तियों को विदा किया। विसर्जन के इस आयोजन के दौरान घाट पर भारी संख्या में भक्त मौजूद थे। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन ने पहले ही व्यापक तैयारियां पूरी कर ली थीं। घाट के किनारे सुरक्षा बलों की कड़ी तैनाती की गई है ताकि पूजा का समापन सुरक्षित तरीके से हो सके। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी लगातार विसर्जन स्थल की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और संपूर्ण प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सुरक्षा की निगरानी
विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमान जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के हाथों में है। रुदौली के एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता, पुलिस क्षेत्रधिकारी अरविंद सोनकर और ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय स्वयं पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। इन अधिकारियों द्वारा विसर्जन स्थल पर तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। घाट पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। प्रशासनिक अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विसर्जन का यह कार्य अत्यंत शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो जाए। सभी पुलिसकर्मियों को चौकन्ना रहकर व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी स्वयं मौके पर उपस्थित होकर हर एक गतिविधि की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं ताकि सुरक्षा घेरा पूरी तरह से प्रभावी बना रहे।
शांतिपूर्ण विसर्जन हेतु सुरक्षा प्रबंध
विसर्जन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। घाट पर तैनात किए गए जवानों को श्रद्धालुओं की सहायता करने और भीड़ के प्रबंधन के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राधेश्याम राय सहित अन्य अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं ताकि भक्तों को कोई परेशानी न हो। प्रशासनिक अमला यह ध्यान रख रहा है कि विसर्जन प्रक्रिया में कोई बाधा उत्पन्न न हो और सभी भक्त बिना किसी भय या संकट के अपनी पूजा संपन्न कर सकें। सुरक्षा के दृष्टिकोण से आज भी घाट पर विशेष पुलिस बल की तैनाती जारी है। अधिकारियों का मानना है कि सतर्कता और बेहतर प्रबंधन से ही इस तरह के बड़े आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से पूरे किए जा सकते हैं। किसी भी संभावित समस्या को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सक्रिय है और हर बिंदु पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि विसर्जन पूरी तरह व्यवस्थित रहे।