परीक्षा फॉर्म भरने की संशोधित अंतिम तिथि
जीवाजी विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन सभी छात्र-छात्राओं के लिए आवेदन करने का प्रावधान किया है जो किसी कारणवश अब तक अपने स्नातक तृतीय वर्ष के परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाए थे। जिन कोर्सों के लिए यह प्रक्रिया शुरू की गई है उनमें कला संकाय यानी बीए, वाणिज्य संकाय यानी बीकॉम, विज्ञान संकाय यानी बीएससी और गृह विज्ञान यानी बीएससी होम साइंस के पात्रता रखने वाले सभी छात्र शामिल हैं। इन सभी डिग्री पाठ्यक्रमों की परीक्षा में हिस्सा लेने वाले अभ्यार्थियों की सहूलियत के लिए एक बदली हुई समयासारिणी घोषित की गई है। संस्थान की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जो विद्यार्थी सामान्य शुल्क के दायरे में रहकर अपना आवेदन जमा करना चाहते हैं, उनके हाथ में अब कुल नौ दिन बचे हुए हैं। इसके लिए आखिरी तारीख 22 अक्टूबर तय कर दी गई है। इस तय सीमा के भीतर सभी संबंधितों को अपनी प्रक्रिया पूरी कर लेनी होगी ताकि उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक पेनल्टी का सामना न करना पड़े। विश्वविद्यालय के इस फैसले से उन हजारों छात्रों को राहत मिली है जो परीक्षा आवेदन से वंचित रह गए थे।
तारीख बीतने पर चुकाना होगा भारी विलंब शुल्क
यदि कोई विद्यार्थी सामान्य अवधि के भीतर अपना परीक्षा फॉर्म जमा करने से चूक जाता है, तो उसे विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार अतिरिक्त जुर्माना देना होगा। 22 अक्टूबर की समय सीमा समाप्त होने के बाद अगर कोई आवेदन करता है तो उसे आर्थिक दंड के रूप में विलंब शुल्क चुकाना पड़ेगा। विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, अगर कोई छात्र 23 अक्टूबर को अपना फॉर्म जमा कराता है तो उसे 500 रुपये का विलंब शुल्क देना होगा। इसके अगले ही दिन यानी 24 अक्टूबर को यह जुर्माना राशि बढ़कर सीधे 1000 रुपये तक पहुंच जाएगी। इतना ही नहीं, यदि कोई छात्र और अधिक विलंब करते हुए 27 अक्टूबर तक आवेदन प्रक्रिया पूरी करता है, तो उसे 2000 रुपये का भारी भरकम विलंब शुल्क भरना पड़ेगा। इसके अलावा विभिन्न श्रेणियों के हिसाब से मूल शुल्क भी अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं। नियमित, भूतपूर्व और पूरक छात्रों के लिए बीए, बीकॉम और बीएससी तथा बीएससी होम साइंस के पाठ्यक्रमवार अलग फीस तय की गई है। प्रायोगिक विषयों वाले छात्रों को 400 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
एबीसी आईडी अनिवार्य और कॉलेजों को निर्देश
विश्वविद्यालय ने यह भी अनिवार्य रूप से स्पष्ट कर दिया है कि अकादमिक बैंक आफ क्रेडिट यानी एबीसी पोर्टल पर पंजीयन कराए बिना कोई भी परीक्षा फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रत्येक विद्यार्थी को अपने आवेदन फॉर्म में एबीसी आईडी दर्ज करना जरूरी होगा। साथ ही सभी संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्यों और विभागाध्यक्षों को इस आईडी का सत्यापन करना होगा। परीक्षा आवेदन पत्र के साथ इस आईडी की कंप्यूटर से निकाली गई कॉपी संलग्न करना भी अनिवार्य कर दिया गया है। सभी शिक्षण संस्थानों और अध्ययनशालाओं को यह निर्देश दिया गया है कि वे विद्यार्थियों से प्राप्त फॉर्मों की पूरी तरह जांच करें। जांच करने के बाद इन परीक्षा फॉर्मों को विश्वविद्यालय कार्यालय तक भेजने की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इसके अलावा महाविद्यालयीन भाग के रूप में हर विद्यार्थी से 215 रुपये की राशि अलग से जमा कराई जाएगी। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही अपनी सभी औपचारिकताएं पूरी कर लें।