कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर      सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      "ट्रंप के बयान बेतुके और अस्वीकार्य": मैक्रों ने फ्रांस में दंगों पर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर किया पलटवार      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
शिक्षा

डिजिटल शिक्षा का विस्तार: देश के ग्रामीण विद्यालयों में छात्रों के लिए शुरू हुआ वर्चुअल रियलिटी लैब का अनूठा प्रोजेक्ट

मध्य प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में शिक्षा के स्तर को उन्नत बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल की शुरुआत की गई है। इसके तहत सरकारी स्कूलों के छात्र अब वीआर हेडसेट के माध्यम से अंतरिक्ष और ऐतिहासिक धरोहरों का सजीव अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

X
Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 14:22
डिजिटल शिक्षा का विस्तार: देश के ग्रामीण विद्यालयों में छात्रों के लिए शुरू हुआ वर्चुअल रियलिटी लैब का अनूठा प्रोजेक्ट
शिक्षा मंत्रालय और एक प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आज मध्य प्रदेश के सीहोर और विदिशा जिलों के पचास चयनित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 'वर्चुअल रियलिटी लर्निंग लैब' का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अभिनव प्रयोग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के उन बच्चों को आधुनिक तकनीकों से रूबरू कराना है, जिनके पास महंगे निजी संस्थानों जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इन विशेष लैब्स में छात्रों को अत्याधुनिक वीआर हेडसेट्स और टैबलेट प्रदान किए जाएंगे, जिनकी मदद से वे विज्ञान के जटिल प्रयोगों, सौर मंडल की संरचना और प्राचीन इतिहास की घटनाओं को किताबों की सीमाओं से परे जाकर त्रि-आयामी रूप में देख और समझ सकेंगे। कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में पहुंचे राज्य के शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह कदम रटने की पुरानी पद्धति को समाप्त कर व्यावहारिक और अनुभवात्मक ज्ञान को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक छलांग है।

शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन

इस अत्याधुनिक तकनीक को कक्षाओं में सुचारू रूप से लागू करने के लिए सरकार ने एक व्यापक शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किया है। स्थानीय विद्यालयों के विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे इन डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके अपने दैनिक पाठ्यपुस्तकों के अध्यायों को अधिक रोचक बना सकें। शिक्षकों का कहना है कि जिन अवधारणाओं को ब्लैकबोर्ड पर समझाने में घंटों लगते थे, उन्हें अब इस तकनीक के माध्यम से छात्र मात्र कुछ मिनटों में आसानी से समझ पा रहे हैं। इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता को देखते हुए आने वाले शैक्षणिक सत्र में राज्य के सभी जिलों के कम से कम एक हजार और सरकारी स्कूलों में इस सुविधा का विस्तार करने की योजना बनाई जा रही है, जिसके लिए कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व फंड का भी भरपूर सहयोग लिया जा रहा है।

छात्रों और अभिभावकों में दिखाई दिया अभूतपूर्व उत्साह

इस नई डिजिटल व्यवस्था के आने से ग्रामीण इलाकों के छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। स्कूल के पहले ही दिन जब बच्चों ने अंतरिक्ष यात्रा और समुद्र की गहराइयों का आभासी अनुभव किया, तो उनके चेहरों की चमक देखने लायक थी। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे उनके बच्चों को भी महानगरों के कॉन्वेंट स्कूलों जैसी उच्च स्तरीय शिक्षा का अनुभव अब अपने ही गांव में मिल सकेगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की तकनीकें देश में शहरी और ग्रामीण शिक्षा के बीच की खाई को पाटने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और भविष्य में छात्रों की पठन-पाठन में रुचि को काफी हद तक बढ़ाएंगी।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज