परीक्षा कार्यक्रम में संशोधन का मुख्य विवरण शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित की जाने वाली डीएलएड परीक्षाओं की समय सारणी में हाल ही में एक महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है जिसके तहत अब परीक्षा की तारीखों को आगे पीछे किया गया है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि पूर्व निर्धारित तिथियां और शिक्षकों की खेलकूद तथा सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का समय एक ही अवधि में पड़ रहा था जिससे व्यवस्थाओं और सहभागिता में गंभीर परेशानी उत्पन्न होने की पूरी संभावना बनी हुई थी। संबंधित अधिकारियों ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि और सांस्कृतिक आयोजन के बीच में कोई गतिरोध उत्पन्न न हो और दोनों महत्वपूर्ण कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकें। इस बदलाव के बाद अब छात्रों और शिक्षकों दोनों को ही राहत की सांस मिली है क्योंकि उन्हें एक ही समय पर दो अलग-अलग महत्वपूर्ण जगहों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की दुविधा से मुक्ति मिल गई है।
तारीखों के टकराव से बचने की पूरी पृष्ठभूमि विभिन्न शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन जब एक ही समय पर निर्धारित हो जाता है तो प्रशासनिक स्तर पर भारी असहजता और असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है जिसका सीधा असर परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों और ड्यूटी देने वाले शिक्षकों पर पड़ता है। पूर्व में जारी की गई डीएलएड परीक्षा की तारीखें और शिक्षकों के लिए तय की गई खेलकूद व सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं की तिथियां आपस में टकरा रही थीं जिसके कारण लगातार यह मांग उठाई जा रही थी कि समय सारणी में उपयुक्त फेरबदल किया जाना बेहद आवश्यक है। ऐसी प्रतियोगिताओं का आयोजन शिक्षकों के शारीरिक विकास, मानसिक स्वास्थ्य और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जाता है जबकि डीएलएड परीक्षाएं भावी शिक्षकों के भविष्य और उनके व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। दोनों ही पक्षों की अनिवार्यता को समझते हुए परीक्षा नियामक प्राधिकारी और संबंधित शिक्षा बोर्ड ने आपसी समन्वय स्थापित करते हुए इस बात पर सहमति बनाई कि तिथियों में संशोधन करना ही एकमात्र और सबसे उचित विकल्प है ताकि किसी भी प्रतिभागी का नुकसान न हो।
छात्रों पर असर और आगामी प्रशासनिक कदम इस नए बदलाव के लागू होने के बाद से ही पूरे प्रदेश के प्रशिक्षण संस्थानों और छात्र समुदाय के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है क्योंकि वे अब बिना किसी मानसिक तनाव के अपनी परीक्षाओं की तैयारी पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। परीक्षा की नई और संशोधित तारीखों की विस्तृत सूची जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी ताकि किसी भी छात्र को किसी प्रकार की सूचना के आभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का यह भी कहना है कि भविष्य में इस प्रकार की तिथियों के निर्धारण से पहले विभिन्न समितियों के बीच बेहतर संवाद स्थापित किया जाएगा ताकि अकादमिक कैलेंडर बनाते वक्त इस तरह के टकराव की पुनरावृत्ति को पूरी तरह से रोका जा सके। छात्र-छात्राओं को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक पोर्टल पर नजर बनाए रखें और अपनी अध्ययन योजना को नई तारीखों के अनुसार ही व्यवस्थित करें ताकि परीक्षा के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की तकनीकी या व्यावहारिक अड़चन का सामना न करना पड़े।