परीक्षा भवन के बाहर छात्रों का जोरदार प्रदर्शन
मुजफ्फरपुर स्थित बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी में चौथे सत्र की परीक्षा के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली। सत्र 2024 से 2026 के अंतर्गत आने वाले चौथे सेमेस्टर के परीक्षार्थी जब अपने निर्धारित कक्ष में बैठे तो उनके सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया। विद्यार्थियों को उनकी निर्धारित हिंदी विषय की परीक्षा के लिए पहले किसी अन्य विषय का प्रश्न पत्र पकड़ा दिया गया। जब परीक्ष ने इस बात की आपत्ति दर्ज कराई और कक्ष में मौजूद लोगों का ध्यान इस गंभीर चूक की ओर आकर्षित किया, तो तुरंत पहला कागज वापस ले लिया गया। इसके बाद छात्रों को दूसरा प्रश्न पत्र सौंपा गया, लेकिन उसमें भी हिंदी की जगह अंग्रेजी विषय छपा हुआ था। एक के बाद एक लगातार दो बार गलत विषयों के पर्चे मिलने से विद्यार्थियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने किसी भी हालत में इस तरह से परीक्षा देने से साफ इनकार कर दिया और अपनी कॉपियां बंद कर दीं। नाराज छात्र-छात्राएं परीक्षा कक्ष से सीधे बाहर निकल आए और भवन के प्रांगण में खड़े होकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस अचानक हुए जोरदार हंगामे से पूरे परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सभी अधिकारी सकते में आ गए।
गलत बंडल मिलने की बात आई सामने
इस बड़ी घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों और विद्यार्थियों के बीच काफी देर तक बातचीत और गहमागहमी का दौर चलता रहा। छात्र इस बात पर अड़े हुए थे कि जब उनका मुख्य विषय हिंदी है तो वे किसी और विषय के पर्चे पर कैसे लिख सकते हैं। परीक्षा नियंत्रक के हवाले से यह बात सामने आई है कि प्रश्न पत्रों के बंडल के ऊपर विषय का नाम गलत छपा हुआ था। इसी बड़ी प्रशासनिक और छपाई की गलती की वजह से परीक्षा हॉल के अंदर गलत पेपर बंट गए थे। जब पहली गलती पकड़ी गई और उसे सुधारने का प्रयास किया गया, तब भी बंडल की इस बड़ी गड़बड़ी के कारण दूसरा गलत पर्चा ही विद्यार्थियों के हाथों में थमा दिया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विश्वविद्यालय थाना की पुलिस टीम को तुरंत मौके पर बुलाना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और नाराज छात्रों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक छात्र और विश्वविद्यालय के अधिकारी आपस में चर्चा करते रहे ताकि इस अजीबोगरीब समस्या का कोई समाधान निकाला जा सके। विद्यार्थियों की मांग थी कि उन्हें तुरंत उनके सही पाठ्यक्रम और विषय का प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया जाए ताकि वे अपनी परीक्षा पूरी कर सकें। हालांकि अधिकारियों के पास उस वक्त इस सवाल का कोई तुरंत जवाब नहीं था कि इस तरह से बाधित हुई परीक्षा को दोबारा कब और कैसे आयोजित किया जाएगा।
अगली आधिकारिक सूचना का करना होगा इंतजार
इस पूरी घटना के बाद प्रभावित होने वाले सभी छात्र-छात्राओं के मन में अपनी आगे की पढ़ाई और परीक्षा को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है। विश्वविद्यालय की तरफ से अभी तक कोई नई तारीख या फिर दोबारा परीक्षा कराने के संबंध में अंतिम फैसला नहीं सुनाया गया है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या सोशल मीडिया पर चल रही झूठी और अपुष्ट तारीखों पर बिल्कुल भरोसा न करें। जब तक विश्वविद्यालय या संबंधित परीक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की जाती, तब तक किसी भी संभावित तिथि को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए। सत्र 2024-26 के चौथे सेमेस्टर के जिन विद्यार्थियों का पेपर इस गंभीर गड़बड़ी के कारण छूट गया है, उन्हें अब विश्वविद्यालय की अगली सूचना पर पैनी नजर रखनी होगी। आधिकारिक वेबसाइट या विभाग द्वारा नया शेड्यूल जारी होने के बाद ही इन प्रभावित छात्रों की परीक्षा दोबारा ली जाएगी। इस प्रकार की घटनाओं से सबक लेते हुए भविष्य में सभी परीक्षार्थियों को यह सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा हॉल में पर्चा मिलते ही सबसे पहले विषय का नाम, कोड और सेमेस्टर अच्छी तरह जांच लें। यदि किसी भी स्तर पर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उत्तर लिखने से पहले कक्ष निरीक्षक को इसकी सूचना देना अनिवार्य है।