कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      ‘CJP प्रोटेस्ट के लिए फंडिंग कहां से आती है?’ RSS के Indresh Kumar ने उठाए सवाल      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत      कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
शिक्षा

शिक्षा प्रणाली में नवाचार: डिजिटल साक्षरता और आधुनिक कौशल विकास को लेकर नई गाइडलाइंस जारी

देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में आधुनिक बदलावों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय ने आज डिजिटल साक्षरता और कौशल आधारित शिक्षा को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

X
Kantap News डेस्क
11 अग 2026, 00:00
शिक्षा प्रणाली में नवाचार: डिजिटल साक्षरता और आधुनिक कौशल विकास को लेकर नई गाइडलाइंस जारी

बदलते वैश्विक परिदृश्य और तकनीक आधारित भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारतीय शिक्षा प्रणाली में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्रालय और संबंधित शैक्षणिक बोर्डों ने संयुक्त रूप से एक नई नीतिगत रूपरेखा तैयार की है, जिसका मुख्य केंद्रबिंदु स्कूली स्तर से ही छात्रों को डिजिटल रूप से दक्ष बनाना है। इस नई व्यवस्था के तहत न केवल पारंपरिक पाठ्यक्रम में बदलाव किए जाएंगे, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और व्यावहारिक कौशल से जुड़े विषयों को भी मुख्य पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि आज की युवा पीढ़ी को भविष्य के रोजगार बाजारों के लिए अभी से तैयार करना बेहद जरूरी है।

शिक्षकों का प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे का विकास इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए देश भर के सरकारी और निजी स्कूलों में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। शिक्षकों को भी आधुनिक तकनीकी उपकरणों और शिक्षण पद्धतियों से प्रशिक्षित करने के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक और प्रायोगिक शिक्षा मिलने से छात्रों की तार्किक क्षमता और समस्या-समाधान कौशल में उल्लेखनीय सुधार होगा। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के स्कूलों में भी इंटरनेट और कंप्यूटर लैब की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है।

छात्रों के भविष्य पर सकारात्मक प्रभाव शिक्षाविदों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे देश की बौद्धिक संपदा को सशक्त करने वाला कदम बताया है। छात्रों पर पढ़ाई का अनावश्यक बोझ कम करते हुए उन्हें रचनात्मक गतिविधियों और तकनीकी प्रोजेक्ट्स से जोड़ने की रणनीति अपनाई जा रही है। आने वाले शैक्षणिक सत्र से इन नए नियमों को चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने की पूरी योजना है, जिससे भारत के छात्र वैश्विक स्तर पर किसी भी चुनौती का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह सक्षम बन सकें।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज