गोरखपुर में स्कूलों की छुट्टी
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कल यानी शनिवार के दिन सभी परिषदीय और मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूलों में पूरी तरह से छुट्टी रहेगी। पितृ-विसर्जन के पवित्र अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इन शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आधिकारिक निर्देश जारी कर दिया है। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसले के लागू होने से कल के दिन संबंधित स्कूलों में किसी भी प्रकार की नियमित कक्षाएं नहीं चलाई जाएंगी। शिक्षा विभाग के इस नए आदेश की जानकारी मिलते ही छात्र और उनके अभिभावक इस बात से अवगत हो चुके हैं। जिला प्रशासन द्वारा जारी यह निर्देश सभी विद्यालयों के लिए अनिवार्य रूप से पालन करने योग्य बनाया गया है ताकि छात्र अपने परिवारों के साथ इस दिन को मना सकें। आने वाले शनिवार को स्कूल परिसर पूरी तरह से बंद नजर आएंगे और किसी भी छात्र या शिक्षक को उस दिन स्कूल जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इस प्रकार की स्थानीय छुट्टियां छात्रों को पारंपरिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेने का पूरा अवसर प्रदान करती हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने इस संबंध में सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली थीं ताकि आदेश का पालन ठीक से हो सके।
जिला शिक्षा अधिकारी का निर्देश
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की तरफ से जारी किए गए इस आदेश में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि यह छुट्टी एक पूर्वनिर्धारित योजना का हिस्सा है। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज द्वारा वर्ष 2026 के लिए एक विस्तृत हॉलिडे कैलेंडर तैयार किया गया था। इसी आधिकारिक कैलेंडर में 10 अक्टूबर की तारीख को पितृ-विसर्जन का अवकाश पहले ही तय किया जा चुका था। जिला प्रशासन ने उसी कैलेंडर के आधार पर गोरखपुर जिले के दायरे में आने वाले सभी संबंधित स्कूलों में यह छुट्टी घोषित की है। यह आदेश जिले के भीतर संचालित होने वाले प्रत्येक परिषदीय और मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल पर समान रूप से लागू होता है। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और स्कूलों के प्रबंध तंत्र को यह सख्त निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित करें। किसी भी स्कूल को इस निर्देश की अवहेलना करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और सभी शिक्षण संस्थान शनिवार को बंद रहेंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का यह दायित्व है कि वे अपने क्षेत्र के स्कूलों पर नजर रखें ताकि आदेश का अक्षरशः पालन हो सके।
हॉलिडे कैलेंडर के आधार पर फैसला
शैक्षणिक संस्थानों के लिए वर्ष के शुरुआत में ही एक पंचांग तैयार किया जाता है जिसमें सभी महत्वपूर्ण पर्वों और अवकासों की सूची दी होती है। इसी पंचांग के नियमों और प्रावधानों के तहत गोरखपुर के बेसिक शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है ताकि नियमों में कोई असमंजस न रहे। पितृ-विसर्जन सनातन संस्कृति का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है जिसमें पूर्वजों को याद किया जाता है और उनके निमित्त अनुष्ठान किए जाते हैं। इस दिन को ध्यान में रखते हुए ही राज्य स्तर पर छुट्टियों की सूची को अंतिम रूप दिया गया था ताकि लोग बिना किसी बाधा के अपनी परंपराओं का निर्वहन कर सकें। जब राज्य परिषद के कैलेंडर में कोई तिथि अवकाश के रूप में दर्ज होती है तो जिला स्तर पर उसका अनुपालन करना अनिवार्य हो जाता है। इस बार शनिवार का दिन होने के कारण छात्रों को सप्ताहांत के साथ एक अतिरिक्त अवकाश का लाभ भी मिल रहा है। स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाध्यापकों को पहले ही कैलेंडर के माध्यम से इन तिथियों की जानकारी दे दी जाती है जिससे वे अपनी शैक्षणिक गतिविधियों को तदनुसार व्यवस्थित कर सकें। शिक्षा विभाग की यह पहल प्रशासनिक पारदर्शिता और समयबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है जिसके तहत सभी को पहले से ही छुट्टियों की सटीक जानकारी मिल जाती है।