कानपुर में आयोजित हो रही परीक्षा
कानपुर और प्रयागराज के प्रशासनिक अमले ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी परीक्षा के लिए सभी जरूरी प्रबंध पूरे कर लिए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह महत्वपूर्ण परीक्षा आज यानी 4 अक्टूबर को सुबह नौ बजकर तीस मिनट से ग्यारह बजकर तीस मिनट के बीच कराई जा रही है। इस पूरी चयन प्रक्रिया को एक ही पाली में संपन्न कराया जाना तय किया गया था जिसके तहत सभी तैयारियां तय समय पर पूरी कर ली गईं। प्रयागराज में भी सुबह से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तमाम अभ्यर्थी अपने निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर पहुंच चुके थे। कानपुर में भी स्थानीय प्रशासन ने परीक्षा को पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी केंद्रों पर अपनी ओर से पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित किए हैं ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
डबल लेयर चेकिंग और बायोमीट्रिक
अपर पुलिस उपायुक्त स्नेहा तिवारी ने इस परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े को पूरी तरह से रोकने के लिए विशेष व्यवस्थाओं की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस बार पहली बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा की एक अनोखी डबल लेयर प्रणाली लागू की गई है। इसके अंतर्गत सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष तक पहुंचने से पहले दो अलग-अलग स्तरों पर गहन चेकिंग प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। सबसे पहले मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात पुलिसकर्मी अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग कर रहे हैं और उसके बाद एक अलग एजेंसी के वॉलिंटियर्स द्वारा दूसरा स्तर पूरा किया जाता है। इन दो चरणों की कड़ी जांच के बाद ही प्रत्येक अभ्यर्थी को बायोमीट्रिक हाजिरी के लिए आगे भेजा जाता है। जब बायोमीट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो जाती है तभी परीक्षार्थी को अंत में क्लासरूम के भीतर प्रवेश पाने की अनुमति दी जा रही है ताकि कोई दूसरा व्यक्ति परीक्षा न दे सके।
केंद्रों पर तैनात सुरक्षाबल और पाबंदियां
इस परीक्षा के सफल संचालन के वास्ते कुल 23 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिनमें लगभग 11 हजार परीक्षार्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से इन सभी केंद्रों पर कुल 250 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और हर केंद्र पर 10 जवान मुस्तैद हैं। शनिवार को ही ड्यूटी पर लगाए गए सभी जवानों की विशेष ब्रीफिंग पूरी कर ली गई थी जिसमें उन्हें अभ्यर्थियों के साथ पूरी सहजता से पेश आने के साथ-साथ अत्यंत सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा केंद्रों के बाहर असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए इंटेलिजेंस टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाने के वास्ते लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। सुरक्षा कारणों से परीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन स्मार्टवॉच या किसी भी अन्य प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।