अंतरमहाविद्यालयीय उत्सव का शुभारंभ
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में शुक्रवार के दिन तीन दिवसीय अंतरमहाविद्यालयीय तकनीकी उत्सव रोबोवर्स-26 का औपचारिक उद्घाटन किया गया। संस्थान की आईईईई स्टूडेंट ब्रांच के संयोजन में आयोजित किए जा रहे इस बड़े कार्यक्रम में एक सौ दस से ज्यादा अलग-अलग शिक्षण संस्थानों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। इस त्रिदिवसीय आयोजन की शुरुआत नौ अक्टूबर को हुई है और इसका समापन ग्यारह अक्टूबर को किया जाएगा। इस दौरान परिसर के भीतर पांच सौ से अधिक छात्र-छात्राएं रोबोटिक्स, सर्किट डिजाइनिंग और एल्गोरिदम से जुड़ी आधुनिक तकनीकों में अपनी क्षमता का भरपूर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आयोजन का मुख्य केंद्र बिंदु विभिन्न प्रकार के तकनीकी प्रोजेक्ट्स और मॉडल रहे हैं, जिन्हें छात्र खुद तैयार करके लाए हैं। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर अनुपमा कौशिक शर्मा के संरक्षण में चल रहे इस महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना है। इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के दौरान मिलने वाले सैद्धांतिक ज्ञान को धरातल पर उतारने का बेहतरीन अवसर मिल रहा है। सभी प्रतिभागी छात्र अपनी रचनात्मकता और तकनीकी कौशल का परिचय देते हुए नजर आ रहे हैं।
विभिन्न प्रकार की प्रमुख प्रतियोगिताएं
इस भव्य तकनीकी उत्सव के दौरान कई प्रकार की रोमांचक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है जो उपस्थित सभी लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इनमें मुख्य रूप से बॉट असेंबली, रैंपेज, ऑब्स्टेकल अवॉइडेंस और रोबो-सॉकर जैसी उच्च स्तरीय प्रतियोगिताएं शामिल हैं जिनमें छात्र अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। बॉट असेंबली प्रतियोगिता के तहत छात्र रोबोट को पूरी तरह से जोड़ने और उसके तकनीकी संयोजन की अपनी अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ऑब्स्टेकल अवॉइडेंस प्रतियोगिता में रोबोट को रास्ते में आने वाली तमाम बाधाओं से बचाते हुए सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाने की अनूठी तकनीक की कड़ी परीक्षा ली जा रही है। इसके अलावा रैंपेज और रोबो-सॉकर जैसी स्पर्धाएं भी छात्रों को अपनी प्रोग्रामिंग क्षमता और रणनीति को दुनिया के सामने दिखाने का बड़ा मंच प्रदान कर रही हैं। इन सभी गतिविधियों में रोबोट का डिजाइन तैयार करना, सटीक कोडिंग करना और उसके ऊपर पूरा नियंत्रण रखना जैसी जटिल क्षमताएं बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन सभी मुकाबलों के जरिए छात्रों के भीतर छिपी हुई तार्किक सोच, आपसी तालमेल और किसी भी कठिन समस्या को चुटकियों में हल करने के कौशल को बहुत बारीकी से परखा जा रहा है।
अनुभव साझा करने का अनूठा मंच
इस तीन दिवसीय तकनीकी उत्सव का सफल संचालन बेहद सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है जिसमें संकाय के वरिष्ठ सदस्यों की अहम भूमिका है। इस पूरे कार्यक्रम की जिम्मेदारी एडवाइजर प्रोफेसर प्रभाकर तिवारी और आईईईई स्टूडेंट ब्रांच की काउंसलर डॉक्टर शिखा सिंह के कुशल मार्गदर्शन में पूरी निष्ठा के साथ निभाई जा रही है। इसके अलावा छात्र अध्यक्ष नीलेश कुमार सहित स्टूडेंट ब्रांच की पूरी टीम आयोजन से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं और प्रतियोगिताओं के सुचारू संचालन में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही है। इस प्रकार के आयोजनों से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्र केवल किताबों के दायरे में सिमटे रहने के बजाय प्रयोग और नवाचार की तरफ तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। प्रतियोगिताओं में भाग लेने से विद्यार्थियों को अपनी कमियों को बहुत करीब से पहचानने और उन्हें सुधारने का बहुमूल्य अवसर प्राप्त हो रहा है। इसके साथ ही दूसरे शिक्षण संस्थानों से आए साथियों के अनुभवों से सीखकर अपनी तकनीकी दक्षता को और अधिक मजबूत बनाने का रास्ता भी साफ हो रहा है। ग्यारह अक्टूबर तक चलने वाले इस उत्सव से विद्यार्थियों के भीतर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और आपसी सहयोग की भावना का अभूतपूर्व विकास हो रहा है।