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शिक्षा

तकनीकी शोध में झारखंड का जलवा: आईआईटी धनबाद और एनआईटी जमशेदपुर के प्रोफेसरों को मिली वैश्विक पहचान

झारखंड के दो प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों ने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आईआईटी धनबाद और एनआईटी जमशेदपुर के शिक्षकों को दुनिया के बेहतरीन वैज्ञानिकों की सूची में जगह मिली है।

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Ankit Yadav
09 अक्ट 2026, 12:33
तकनीकी शोध में झारखंड का जलवा: आईआईटी धनबाद और एनआईटी जमशेदपुर के प्रोफेसरों को मिली वैश्विक पहचान

आईआईटी धनबाद के प्रो. अजय मंडल का वैश्विक स्तर पर नाम

आईआईटी आईएसएम धनबाद के पेट्रोलियम इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े प्रो. अजय मंडल ने शोध के क्षेत्र में विश्व स्तर पर छठा स्थान प्राप्त किया है। उन्हें एन्हांस्ड ऑयल रिकवरी यानी ईओआर तकनीक के अध्ययन में यह विशिष्ट स्थान मिला है। यह तकनीक मुख्य रूप से उन तेल कुओं से हाइड्रोकार्बन निकालने के लिए अपनाई जाती है जहां पारंपरिक तरीके विफल हो जाते हैं। पेट्रोलियम उद्योग में इस नवाचार का महत्व बहुत अधिक है क्योंकि यह जमीन के भीतर बचे हुए तेल के भंडार का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने में मदद करता है। प्रो. मंडल का लाइफटाइम इम्पैक्ट स्कोर 99.78 दर्ज किया गया है, जबकि उनका डी-इंडेक्स 63 और एच-इंडेक्स 72 है। स्कॉलर जीपीएस के आंकड़ों के अनुसार, वे दुनिया के शीर्ष 0.05 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल हो गए हैं। इसके अलावा, वे इस विशेष शोध विषय में भारत में शीर्ष पायदान पर हैं। पूर्व में जून 2026 में ब्रिटेन की रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री द्वारा उन्हें चार्टर्ड केमिस्ट का सम्मान भी प्रदान किया गया था।

एनआईटी जमशेदपुर के आठ प्रोफेसरों की बड़ी उपलब्धि

एनआईटी जमशेदपुर के आठ संकाय सदस्यों को विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों के प्रतिष्ठित समूह में स्थान दिया गया है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर द्वारा संयुक्त रूप से जारी किए गए स्कोपस डेटाबेस के मूल्यांकन के आधार पर यह सूची तैयार की गई है। इस चयन प्रक्रिया में शोध पत्रों के उद्धरण, वैज्ञानिक की उत्पादकता, एच-इंडेक्स और सह-लेखकों के साथ किए गए कार्यों जैसे महत्वपूर्ण मानकों का कड़ाई से पालन किया गया है। इस उपलब्धि को हासिल करने वाले शिक्षकों में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रो. सतीश कुमार, रसायन विज्ञान के डॉ. बलराम अंबाडे और गणित विभाग के डॉ. सुनील कुमार शामिल हैं। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के डॉ. सुरजीत कुंडू व डॉ. अजय कुमार और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. वीरप्रताप मीणा व डॉ. सूर्य प्रकाश का नाम भी इस सूची में दर्ज हुआ है। एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधर ने सभी आठों प्रोफेसरों को बधाई दी है और इसे संस्थान की वैश्विक प्रतिष्ठा के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया है।

झारखंड के शोध संस्थानों का अंतरराष्ट्रीय अकादमिक योगदान

झारखंड में स्थित इन दो तकनीकी संस्थानों का अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में उभरना उच्च शिक्षा और नवाचार की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है। इन प्रोफेसरों द्वारा गणितीय मॉडलिंग, पदार्थ विज्ञान, थर्मल इंजीनियरिंग और डेटा विश्लेषण जैसे विविध क्षेत्रों में किया गया शोध कार्य वैश्विक स्तर पर सराहा जा रहा है। शोध पत्रों के प्रकाशन, पेटेंट प्राप्त करने और विभिन्न विषयों के बीच आपसी सहयोग के जरिए इन शिक्षकों ने संस्थान की साख को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इस तरह के अकादमिक प्रदर्शन से संस्थानों के लिए भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध परियोजनाओं और विदेशी सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे। विद्यार्थियों के लिए भी यह पहचान एक बड़ी प्रेरणा का स्रोत है, जिससे नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। यह वैश्विक मान्यता न केवल संस्थानों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह साबित करती है कि झारखंड के तकनीकी विशेषज्ञ दुनिया की बदलती वैज्ञानिक जरूरतों के अनुरूप उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं और उच्च अकादमिक मानकों को स्थापित करने में सक्षम हैं।

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