नशा मुक्ति अभियान और जागरूकता
जवाहर नवोदय विद्यालय के परिसर के भीतर विद्यार्थियों के मार्गदर्शन हेतु एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के भयानक दुष्परिणामों तथा उसके सामाजिक प्रभावों के प्रति पूरी तरह से सजग करना था। इसके साथ ही इस सत्र में वर्तमान समय की बड़ी समस्या बन चुके साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा पर भी बच्चों की समझ को काफी हद तक विकसित करने का प्रयास किया गया। इस समूचे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक, एनसीसी कैडेट्स तथा कक्षा 10वीं से लेकर 12वीं कक्षा तक के तमाम विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने वक्ताओं की बातों को अत्यंत गंभीरता के साथ सुना और अनुशासन का परिचय दिया। कार्यक्रम की शुरुआत से लेकर अंत तक शैक्षणिक माहौल पूरी तरह से अनुशासित और ज्ञानवर्धक बना रहा, जहां हर किसी ने इस पहल को काफी सराहा और इसमें सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी दर्ज कराई। विद्यालय प्रशासन की तरफ से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए इस प्रकार के आयोजनों को बेहद जरूरी माना गया है।
मुख्य वक्ता का मार्गदर्शन और संबोधन
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में धमतरी के जाने-माने डॉ। हीरालाल महावर ने शिरकत की और छात्रों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपने प्रेरणादायक व्याख्यान के दौरान एक नशामुक्त जीवन जीने के अत्यधिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज में नशे की प्रवृत्ति लगातार तेजी से बढ़ रही है। नशा केवल व्यक्ति के शरीर पर ही नहीं बल्कि उसके मन पर भी बहुत बुरा असर डालता है। यह परिवारों को बर्बाद करता है, समाज को नुकसान पहुंचाता है और छात्रों की पढ़ाई पर भी बहुत बुरा प्रभाव डालता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का पुरजोर आग्रह किया तथा अपने जीवन में सकारात्मक सोच विकसित करने पर सबसे अधिक जोर दिया। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने जीवन के स्पष्ट लक्ष्य तय करें और अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल शिक्षा, खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों तथा राष्ट्र निर्माण जैसे सकारात्मक कार्यों में करें। उनके इस प्रेरणादायी संबोधन ने छात्रों के मन पर एक गहरी छाप छोड़ी और उन्हें बुरी आदतों से दूर रहने की एक मजबूत प्रेरणा प्रदान की।
साइबर सुरक्षा और डिजिटल सतर्कता
कार्यक्रम के दूसरे चरण में आज के दौर की सबसे बड़ी चुनौती यानी साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। इंटरनेट, मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए ऑनलाइन ठगी और विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों से हर समय सतर्क रहने की सख्त जरूरत बताई गई। विद्यार्थियों को विशेष रूप से यह समझाया गया कि वे किसी भी अनजान लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध संदेश पर आंख मूंदकर भरोसा न करने की सख्त हिदायत दी गई। अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पासवर्ड तथा ओटीपी जैसी बेहद गोपनीय बातें किसी भी कीमत पर किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई। इंटरनेट का हमेशा विवेकपूर्ण उपयोग करने पर जोर दिया गया तथा किसी भी तरह की संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि नजर आने पर तुरंत सतर्क रहने की बात कही गई। सत्र के अंत में लाइब्रेरियन आरके सोनी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार जताया। इस आयोजन का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों में नशामुक्त जीवन का संकल्प दिलाना और डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजगता पैदा करना था।