मंगलवार को कस्तूरबा विद्यालय में प्रशासनिक पदों की अनूठी पहल
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद के नगर क्षेत्र स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में मंगलवार के दिन एक अनोखा कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के भीतर नेतृत्व क्षमता को जागृत करना और उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयां प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को प्रशासनिक व्यवस्था के शीर्ष पदों की जिम्मेदारी दी गई ताकि वे कार्यप्रणाली को गहराई से समझ सकें। मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के अंतर्गत यह कदम उठाया गया था जो बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस व्यवस्था के जरिए विद्यालय की प्रशासनिक गतिविधियों को छात्राओं के माध्यम से संचालित करने का अनूठा प्रयास किया गया। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सभी शिक्षकों और अधिकारियों ने इस रचनात्मक गतिविधि की सराहना की और इसे बालिकाओं के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक ठोस कदम बताया। इस प्रकार की पहलों से शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाली बालिकाओं को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का सुअवसर मिलता है।
कक्षा सात की विधि और कक्षा आठ की तनु को मिली अहम जिम्मेदारी
इस विशेष अभियान के तहत विद्यालय में अध्ययनरत दो मेधावी छात्राओं का चयन प्रशासनिक भूमिकाओं के लिए किया गया था। कक्षा सात में शिक्षा ग्रहण करने वाली छात्रा विधि को प्रतीकात्मक रूप से एक दिन के लिए खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया। इसके साथ ही कक्षा आठ की छात्रा तनु को उसी विद्यालय में एक दिन की वार्डन के रूप में कार्यभार संभालने का अवसर प्रदान किया गया। दोनों छात्राओं ने अपनी इन नई भूमिकाओं को पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ निभाया तथा विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस प्रकार की उच्च प्रशासनिक जिम्मेदारियां मिलने से छात्राओं को अपनी छिपी हुई प्रतिभा को खुलकर प्रदर्शित करने का बेहतरीन मंच प्राप्त हुआ। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के अनुभवों से बालिकाओं के भीतर प्रशासनिक कार्यों की समझ विकसित होती है और वे भविष्य में बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार होती हैं। इन दोनों छात्राओं के लिए यह दिन एक यादगार अनुभव बन गया जब उन्होंने प्रशासनिक कुर्सी पर बैठकर कामकाज की बारीकियों को नजदीक से परखा और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
नेतृत्व विकास और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए उठाया गया कदम
वर्तमान समय में बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज में नेतृत्व करने योग्य बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने बालिकाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने का कार्य किया है। विद्यालय प्रशासन का उद्देश्य इन छात्राओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक प्रशासनिक कार्यप्रणाली से परिचित कराना था। ऐसी गतिविधियों से छात्राओं के मन में यह विश्वास पैदा होता है कि वे भविष्य में किसी भी क्षेत्र में अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवा सकती हैं। इस पहल के माध्यम से उन्हें अपनी वास्तविक क्षमताओं को परखने का अवसर मिला जिससे वे आने वाले कल में समाज और देश के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें। विद्यालय परिवार ने इस प्रकार के आयोजनों को भविष्य में भी जारी रखने की मंशा जताई है ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इससे लाभान्वित हो सकें। इस पूरी प्रक्रिया ने न केवल चुनी गई दोनों छात्राओं को बल्कि विद्यालय की अन्य बालिकाओं को भी भविष्य में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है।