सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार उछाल
कारोबार के दौरान आज सुबह के समय भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 692.86 अंकों यानी 0.96 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 72,617.54 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 213.10 अंकों या 0.95 प्रतिशत के उछाल के साथ 22,576.45 के स्तर पर पहुंच गया है। इंट्रा-डे कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 696.23 अंकों की छलांग लगाते हुए 72,620.91 के ऊंचे स्तर को छुआ था। दूसरी तरफ निफ्टी ने भी इंट्रा-डे के दौरान 217.80 अंकों की तेजी दिखाते हुए 22,581.15 के स्तर को पार कर लिया था। इस शानदार उछाल की वजह से निफ्टी एक बार फिर से 22,500 के महत्वपूर्ण स्तर को पार करने में सफल रहा है और अब यह 22,600 के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गया है। बाजार में आई इस अचानक तेजी से निवेशकों के चेहरे पर खुशी लौट आई है और कारोबार का माहौल काफी सकारात्मक नजर आ रहा है।
सेक्टरवार प्रदर्शन और समर्थन के कारण
आज के कारोबार में बाजार को सबसे मजबूत समर्थन आईटी सेक्टर की तरफ से मिला है। आईटी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स 3 प्रतिशत से अधिक की शानदार तेजी के साथ उछला है। इसके अलावा एफएमसीजी और रियल्टी सेक्टर ने भी बाजार को मजबूत सहारा दिया है और इन दोनों के निफ्टी इंडेक्स में 1-1 प्रतिशत से ज्यादा की मजबूती दर्ज की गई है। बैंकिंग क्षेत्र की बात करें तो निफ्टी पीएसयू बैंक करीब 1 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी आधे फीसदी की बढ़त देखी गई है। हालांकि बड़े स्तर पर देखा जाए तो बाजार में मिला-जुला रुझान बना हुआ है क्योंकि स्मॉलकैप सेगमेंट में बिकवाली का काफी दबाव साफ नजर आ रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में लगभग आधे फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है लेकिन इसके विपरीत निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि यदि निफ्टी 22,300 के अंक से ऊपर टिका रहता है तो इसमें रिकवरी की पूरी गुंजाइश बनी हुई है। निवेशकों को निवेश करने से पहले सभी जोखिमों का ध्यान रखना चाहिए और बाजार के जानकारों की सलाह जरूर लेनी चाहिए ताकि किसी भी नुकसान से बचा जा सके।
वोलैटिलिटी और आर्थिक स्थिति का असर
शेयर बाजार में आई इस मौजूदा तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण काम कर रहे हैं। बाजार के जानकारों के अनुसार निचले स्तर पर हुई खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग ने बाजार को बहुत बड़ा सपोर्ट प्रदान किया है। इसके अलावा मार्केट की घबराहट और अनिश्चितता को मापने वाले प्रमुख वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में भी नरमी आई है जिससे बाजार को स्थिरता मिली है। फिलहाल इंडिया विक्स 4.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 14.58 के स्तर पर चल रहा है। इस इंडेक्स के अधिक होने का मतलब यह होता है कि शॉर्ट टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका अधिक रहती है जबकि इसके कम रहने पर उठा-पटक घटने की संभावना होती है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज एक्टिविटी ने वैश्विक स्तर पर चल रही आर्थिक उथल-पुथल से भारतीय अर्थव्यवस्था को संभलने में बहुत मदद की है। बाजार की इस लाइव हलचल के दौरान तमाम निवेशक अपनी रणनीतियां बना रहे हैं। यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और शेयर बाजार में निवेश करना बाजार के जोखिमों के अधीन होता है। इसलिए सभी निवेशकों को अपने पैसों को लगाने से पहले हमेशा प्रमाणित वित्तीय विशेषज्ञों से सलाह मशविरा जरूर करना चाहिए।