सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार उछाल
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बुधवार को मजबूत और सकारात्मक माहौल के बीच हुई है। कारोबार की शुरुआत के दौरान प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों में लगभग एक प्रतिशत तक की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान सेंसेक्स में करीब 700 अंकों की जोरदार छलांग देखने को मिली और यह पैंसठ हजार के आंकड़े को पार करते हुए आगे निकल गया। इसके साथ ही निफ्टी पचास सूचकांक भी शून्य दशमलव अस्सी प्रतिशत से अधिक की मजबूती के साथ तेईस हजार के पार पहुंच गया। कारोबारी घंटों के दौरान सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 73,852.90 से चार सौ पचासी अंक यानी शून्य दशमलव पैंसठ प्रतिशत ऊपर चढ़कर 74,337.93 के स्तर पर खुला था। सत्र के दौरान यह सूचकांक सात सौ चौवन दशमलव छियासी अंकों यानी एक दशमलव शून्य दो प्रतिशत की तेजी के साथ 74,607.66 के अपने उच्चतम स्तर को छूने में सफल रहा। दूसरी तरफ निफ्टी पचास ने भी अपने पिछले बंद 22,888.95 से एक सौ सत्ताईस अंक यानी शून्य दशमलव पचपन प्रतिशत की बढ़त लेते हुए 23,016.00 पर कारोबार की शुरुआत की। दिन के सफर में यह सूचकांक दो सौ तीस दशमलव तीन अंकों यानी पूरे एक प्रतिशत की छलांग लगाकर 23,119.25 के सर्वोच्च शिखर तक पहुंच गया।
क्षेत्रवार प्रदर्शन और मुद्रा बाजार का हाल
व्यापक बाजार और विभिन्न सेक्टरों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो मिलाजुला रुख दिखाई दिया। व्यापक बाजार के भीतर निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक में शून्य दशमलव शून्य दो प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई, जबकि इसके विपरीत निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में शून्य दशमलव शून्य नौ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अगर विभिन्न क्षेत्रों की बात करें तो निफ्टी आईटी खंड में सबसे अधिक दो दशमलव तीन प्रतिशत की शानदार तेजी देखने को मिली। इसके अतिरिक्त निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी सीमेंट तथा निफ्टी रियल्टी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी अच्छी खासी मजबूती दर्ज की गई। इसके उलट निफ्टी केमिकल और निफ्टी मीडिया सूचकांकों में सबसे ज्यादा कमजोरी और गिरावट का सामना करना पड़ा। मुद्रा बाजार के मोर्चे पर भी भारतीय रुपये की स्थिति में सुधार देखा गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया पंद्रह पैसे मजबूत होकर 94.78 के स्तर पर खुला, जबकि बीते दिवस यह 94.93 के स्तर पर बंद हुआ था। विदेशी शेयर बाजारों में भी एशियाई क्षेत्र के सूचकांकों में तेजी का माहौल रहा, जिसमें दक्षिण कोरियाई शेयरों ने सबसे आगे रहकर बढ़त दर्ज करने का काम किया। वॉल स्ट्रीट पर पिछले सत्र के दौरान स्वास्थ्य सेवा शेयरों में आई मजबूती ने डॉव जोन्स और एसएंडपी 500 सूचकांकों को ऊपर उठाने का कार्य किया, जबकि तकनीकी शेयरों के कमजोर रहने से नैस्डैक सूचकांक में हल्की गिरावट आई। इस बीच कच्चे तेल के दाम चढ़े हुए नजर आए और वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड एक सौ दस डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।
बाजार विशेषज्ञों की राय और चुनौतियां
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में घरेलू शेयर बाजार को कुछ सकारात्मक बातों से बड़ा समर्थन मिल रहा है। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता होने की संभावनाओं को लेकर निवेशकों में सकारात्मक उम्मीदें बनी हुई हैं। हालांकि जानकारों का यह भी कहना है कि कई अन्य कारक बाजार के रास्ते में रुकावट बन सकते हैं। ऊंचे स्तर पर बने कच्चे तेल के दाम, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में लगातार हो रही वृद्धि और दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल निवेशकों के भरोसे पर लगातार दबाव बना रहा है। इन अड़चनों के कारण बाजार में किसी भी प्रकार का स्थायी और लंबा सुधार लाना एक मुश्किल चुनौती साबित हो सकता है। निवेशकों को इन सभी घरेलू और बाहरी आर्थिक कारकों पर बारीकी से नजर रखने की सलाह दी जा रही है ताकि वे अपने निवेश के संबंध में सही और समय पर निर्णय ले सकें। ऑटो फीड्स के माध्यम से स्वतः प्रकाशित इस रिपोर्ट में बाजार के तमाम उतार-चढ़ाव और आंकड़ों को विस्तार से दर्ज किया गया है।