चिकित्सा सेवाओं का व्यापक विस्तार
गोरखपुर स्थित एम्स में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है जिससे स्थानीय मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है। संस्थान की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ। विभा दत्ता ने बताया कि अब अस्पताल में कैंसर के उपचार के लिए लिनियर एक्सेलेरेटर जैसी आधुनिक मशीनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा शवगृह और निजी वार्डों की सेवाएं भी मरीजों के लिए खोल दी गई हैं। उत्तर प्रदेश में यह दूसरा ऐसा संस्थान बन गया है जहां येलो फीवर टीकाकरण केंद्र की स्थापना की गई है। चिकित्सा क्षेत्र में यह प्रगति संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। मरीजों को न्यूरोसर्जरी, कार्डियोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के साथ ही न्यूरोलॉजी व ऑन्कोलॉजी जैसी विशेषज्ञ सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो रही हैं। पीडियाट्रिक सर्जरी, एंडोक्राइनोलॉजी और यूरोलॉजी की सुविधा जुड़ने से जटिल रोगों के मरीजों को अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा। संस्थान अपनी इन सेवाओं के माध्यम से जनविश्वास को प्राथमिकता दे रहा है।
शैक्षणिक गतिविधियों और शोध को गति
एम्स गोरखपुर न केवल उपचार बल्कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। संस्थान ने एमसीएच न्यूरोसर्जरी और डीएम क्लिनिकल फार्माकोलॉजी जैसे उच्चस्तरीय पाठ्यक्रम शुरू किए हैं ताकि भविष्य के विशेषज्ञ तैयार किए जा सकें। इसके साथ ही पैरामेडिकल और पीडीएफ व पीडीसीसी पाठ्यक्रमों के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक विस्तार दिया गया है। चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 17 अक्टूबर 2026 को संस्थान में प्रथम रिसर्च डे का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम का मुख्य ध्येय शोध कार्यों में नई ऊर्जा का संचार करना और चिकित्सा जगत में नवाचार को प्रोत्साहन देना था। संस्थान का प्रबंधन अब फैकल्टी के रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया चला रहा है ताकि शिक्षण और चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। इन प्रयासों का सीधा असर संस्थान की कार्यक्षमता और मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं की गुणवत्ता पर पड़ने की उम्मीद है।
भविष्य की राह और प्रतिबद्धता
संस्थान की कार्यप्रणाली अब चिकित्सा सेवा के साथ शिक्षा और अनुसंधान के बीच एक बेहतर संतुलन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ। विभा दत्ता ने स्पष्ट किया है कि संस्थान की छवि को और बेहतर बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के पीछे मुख्य उद्देश्य दूर-दराज से आने वाले मरीजों को आधुनिक उपचार के विकल्प उपलब्ध कराना है। आने वाले समय में फैकल्टी की नियुक्ति पूरी होने से शैक्षणिक और चिकित्सकीय दोनों क्षेत्रों में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा। भर्ती प्रक्रिया के पूरा होने से फैकल्टी की कमी दूर होगी जिससे ओपीडी और अन्य विशेषज्ञ सेवाओं का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। यह बदलाव गोरखपुर के आसपास के जिलों के उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं जिन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पहले महानगरों की दौड़ लगानी पड़ती थी। शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने की यह निरंतर प्रक्रिया भविष्य में गोरखपुर एम्स को चिकित्सा शिक्षा का एक बड़ा केंद्र बनाने में सहायक सिद्ध होगी।