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अल्टीमेटम जारी: झारखंड हाईकोर्ट ने दो महीने के भीतर नए जेपीएससी चेयरमैन की नियुक्ति का दिया सख्त निर्देश

झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को कड़ा निर्देश देते हुए आगामी दो महीनों के भीतर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के नए अध्यक्ष पद पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। अदालत के इस महत्वपूर्ण फैसले से प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

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Ankit Yadav
12 सित 2026, 12:17
अल्टीमेटम जारी: झारखंड हाईकोर्ट ने दो महीने के भीतर नए जेपीएससी चेयरमैन की नियुक्ति का दिया सख्त निर्देश
झारखंड उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक अहम निर्देश जारी करते हुए राज्य प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकार को निर्धारित दो महीने की समय सीमा के भीतर ही झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के नए अध्यक्ष की नियुक्ति हर हाल में सुनिश्चित करनी होगी। इस फैसले के बाद राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि आयोग जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थान में लंबे समय से शीर्ष पद खाली रहने या प्रभार से काम चलने के कारण कई तरह की प्रशासनिक बाधाएं उत्पन्न होती रही हैं। अदालत का यह रुख साफ करता है कि संवैधानिक संस्थाओं का सुचारू संचालन सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती पर अदालत का जोर

महत्वपूर्ण परीक्षाओं के आयोजन और चयन प्रक्रियाओं को पारदर्शी तथा समयबद्ध तरीके से चलाने के लिए जेपीएससी की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। राज्य में पिछले कुछ समय से अध्यक्ष का पद रिक्त होने के कारण कई महत्वपूर्ण निर्णय और प्रक्रियाएं प्रभावित हुई थीं। इसे लेकर दायर याचिकाओं और मामलों की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि प्रमुख पदों के खाली रहने से युवाओं और अभ्यर्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अदालत के इस सख्त आदेश के बाद अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य सरकार तय अवधि के भीतर ही योग्य और सक्षम चेहरे को इस पद पर आसीन करेगी, जिससे आयोग के कामकाज में तेजी आएगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अदालत के इस आदेश की प्रति मिलने के बाद संबंधित विभागों ने फाइलें खंगालनी शुरू कर दी हैं। राज्य के विधि विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच मंथन का दौर जारी है ताकि तय डेडलाइन के अंदर ही सभी कानूनी और औपचारिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए नए चेयरमैन के नाम की घोषणा की जा सके। यह कदम न केवल राज्य की चयन व्यवस्था को पटरी पर लाएगा बल्कि अभ्यर्थियों के लंबे समय से अटके पड़े सवालों और चिंताओं को भी विराम देगा। आगामी दिनों में सरकार की तरफ से इस संबंध में क्या आधिकारिक कदम उठाए जाते हैं और किस प्रकार से चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। चूंकि दो महीने का समय बहुत अधिक नहीं होता है, इसलिए प्रशासन को युद्ध स्तर पर काम करना होगा ताकि अदालत के निर्देशों का समय पर अक्षरशः पालन किया जा सके और जेपीएससी जैसी महत्वपूर्ण संस्था को उसका पूर्णकालिक मुखिया मिल सके।
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