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कानून

साइबर ठगी का पर्दाफाश: उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार

उत्तराखंड में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को धर दबोचा है, जो कमीशन का प्रलोभन देकर म्यूल खातों के संचालन और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए अवैध लेनदेन में लिप्त थे।

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Ankit Yadav
07 सित 2026, 14:25
साइबर ठगी का पर्दाफाश: उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार
देश और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच उत्तराखंड से एक बड़ी सफलता सामने आई है। यहाँ की पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है जो भोले-भाले नागरिकों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों का गलत इस्तेमाल कर रहा था। इस कार्रवाई के तहत कुल छह संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो इस संगीन नेटवर्क की कड़ियों को आपस में जोड़ने का काम कर रहे थे।

म्यूल खातों और क्रिप्टोकरेंसी का खेल

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह बहुत ही शातिर तरीके से काम कर रहा था। ठग लोगों को आसान कमीशन का झांसा देकर म्यूल यानी फर्जी या किराए के बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों में साइबर ठगी के जरिए ठगी गई रकम को ट्रांसफर किया जाता था। इसके बाद पकड़े गए आरोपी इस अवैध धन को तुरंत छिपाने और ट्रैक न किए जाने के उद्देश्य से क्रिप्टोकरेंसी में बदल लेते थे, जिससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए इसे ट्रेस करना बेहद मुश्किल हो जाता था। राज्यभर में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस लंबे समय से इस अंतरराष्ट्रीय नेक्सस की टोह में थी। तकनीकी सर्विलांस और खुफिया तंत्र से मिली पुख्ता जानकारियों के आधार पर इस गिरोह की गतिविधियों का खुलासा किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क के तार देश के बाहर भी जुड़े हो सकते हैं, जिसके चलते अन्य राज्यों के संदिग्धों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि इस चेन को पूरी तरह से तोड़ा जा सके। गिरफ्तार किए गए सभी छह आरोपियों से पूछताछ का सिलसिला जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कुल कितनी रकम की हेराफेरी की है और इनके संपर्क में कौन-कौन लोग और शामिल हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है, क्योंकि पुलिस की साइबर सेल अब इन खातों और डिजिटल वॉलेट्स का गहन विश्लेषण कर रही है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी तरह के लालच में आकर अपने बैंक खाते या दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। पुलिस प्रशासन का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि राज्य में इस प्रकार की आपराधिक गतिविधियों पर पूरी तरह से नकेल कसी जा सके।
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