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आधी रात का जश्न: पूर्णिया में 1947 से चली आ रही परंपरा के तहत फहराया गया तिरंगा

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिहार के पूर्णिया जिले में एक अनोखी और पुरानी परंपरा का निर्वहन किया गया, जहाँ रात के बारह बजते ही तिरंगा फहराया गया। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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Kantap News डेस्क
15 अग 2026, 17:00
आधी रात का जश्न: पूर्णिया में 1947 से चली आ रही परंपरा के तहत फहराया गया तिरंगा
स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर देश भर में जश्न का माहौल है, वहीं बिहार के पूर्णिया से एक बेहद खास और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। यहाँ सन 1947 से चली आ रही ऐतिहासिक परंपरा को आज भी उतनी ही शिद्दत और उत्साह के साथ जीवित रखा गया है। स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर ठीक बारह बजते ही क्षेत्र में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की परंपरा है, जिसका पालन इस वर्ष भी पूरी निष्ठा के साथ किया गया।

ऐतिहासिक परंपरा और जनसैलाब

इस अनूठी परंपरा के तहत आधी रात को ध्वजारोहण कार्यक्रम देखने के लिए भारी तादाद में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। घड़ी की सुइयों के बारह पर पहुंचते ही पूरा इलाका देशभक्ति के नारों और भारत माता की जय के उद्घोष से गूंज उठा। उपस्थित जनसमूह ने अत्यंत हर्षोल्लास के साथ राष्ट्रीय पर्व का स्वागत किया और तिरंगे को सलामी दी। वर्षों पुरानी इस परंपरा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि स्थानीय नागरिकों के दिलों में देशप्रेम की भावना कितनी गहरी है। हर साल की तरह इस बार भी आधी रात के इस आयोजन ने पूर्णिया के लोगों को एकसूत्र में पिरोने का काम किया और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने का अवसर प्रदान किया।
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