महाराजा अग्रसेन जयंती के कार्यक्रमों की रूपरेखा
अलीगढ़ शहर में आज के दिन महाराजा अग्रसेन की 5150वीं जयंती को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अग्रवाल परिषद के पदाधिकारियों ने इस उत्सव को भव्य बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह के समय रसलगंज स्थित अग्रसेन चौक से होगी, जहां पारंपरिक रूप से धार्मिक यज्ञ का आयोजन किया जाना निर्धारित है। इस यज्ञ के बाद शहर की सड़कों पर एक प्रभात फेरी निकाली जाएगी, जो स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। परिषद के अध्यक्ष नवीन बंसल, महामंत्री गौरव अग्रवाल और कोषाध्यक्ष सोनू अग्रवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य अग्रसेन महाराज के सिद्धांतों और उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करना है। पूरे आयोजन स्थल पर सुबह से ही भक्तों और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों की उपस्थिति रहेगी। यह दिन पूरे जिले के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग इस सामाजिक उत्सव में भाग लेने के लिए एकत्रित होंगे।
यज्ञ यजमान और प्रभात फेरी के सूत्रधार
महोत्सव के दौरान आयोजित किए जाने वाले विशेष धार्मिक अनुष्ठान यानी यज्ञ में मुकेश अग्रवाल, आराधना अग्रवाल, विनीत गर्ग और रिचा गर्ग मुख्य यजमान के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। यह सभी यजमान सुबह आठ बजे से अनुष्ठानिक क्रियाओं में सम्मिलित होंगे और आयोजन की भव्यता को सुनिश्चित करेंगे। इसके अतिरिक्त, सुबह दस बजे से निर्धारित प्रभात फेरी को झंडी दिखाकर शुरू करने की जिम्मेदारी मेयर प्रशांत सिंघल के कंधों पर होगी। उनके साथ भाजपा कार्यसमिति के सदस्य डा। राजीव अग्रवाल, जयंती संयोजक मनोज अग्रवाल और सह-संयोजक विपिन गर्ग भी इस शोभा यात्रा की शुरुआत करने के लिए मौजूद रहेंगे। यह पूरी यात्रा अग्रसेन चौक से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई अंततः डीएस कॉलेज परिसर में जाकर संपन्न होगी। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि इस फेरी में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होंगे और महाराजा अग्रसेन के संदेशों का प्रचार-प्रसार करेंगे, जिससे पूरे वातावरण में उत्सव का माहौल बना रहेगा।
कार्यक्रम का समापन और सांस्कृतिक महत्व
अग्रसेन जयंती महोत्सव का आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह अलीगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का भी अभिन्न हिस्सा है। डीएस कॉलेज में प्रभात फेरी की समाप्ति के बाद वहां विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से महाराजा अग्रसेन के जीवन दर्शन को याद किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, 5150वीं जयंती के इस विशेष अवसर पर समाज की एकजुटता को प्रदर्शित करना ही परिषद का प्राथमिक ध्येय है। प्रभात फेरी के दौरान विभिन्न मार्गों पर लोगों द्वारा स्वागत के भी प्रबंध किए जा सकते हैं, जिससे समाज के सभी स्तरों पर एक सकारात्मक संदेश पहुंचेगा। इस उत्सव में शामिल होने वाले सभी नागरिकों और अतिथियों के लिए यह एक यादगार दिवस रहेगा, जो न केवल परंपराओं का निर्वहन करता है बल्कि नई पीढ़ी को भी संस्कृति से जोड़ता है। अग्रवाल परिषद ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस महोत्सव का हिस्सा बनें और इस आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान प्रदान करें। आगामी समय में भी इसी प्रकार के आयोजनों के माध्यम से सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देने की निरंतर कोशिशें जारी रहेंगी।