रामलीला बाड़े में हुआ राज्याभिषेक
बुधवार के दिन शहर के रामलीला बाड़े के भीतर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें भगवान श्रीराम का राजगद्दी अनुष्ठान संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर लीला दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की बहुत बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी थी। कार्यक्रम के दौरान शहर के निवासियों ने प्रभु राम, माता जानकी और हनुमान जी के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस धार्मिक अनुष्ठान में मंगला मुखियों द्वारा बधाई गीतों का गायन किया गया जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। देर रात तक शहर के विभिन्न हिस्सों में भगवान श्रीराम के जयकारों की गूंज लगातार सुनाई देती रही। इस महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान धार्मिक महासभा के अध्यक्ष रामबहादुर यादव के साथ ही डॉक्टर अविन शर्मा, पवन गौतम, बलराम यादव, माधव और गोपाल शर्मा समेत कई गणमान्य लोग और भारी संख्या में आम श्रद्धालु उपस्थित रहे।
लंका विजय के बाद वापसी की गाथा
रावण के अहंकार के अंत और लंका के सूने होने के बाद भगवान राम ने विभीषण को लंका का नया उत्तराधिकारी नियुक्त किया। इसके पश्चात भगवान राम ने लंका नरेश विभीषण से विदा ली और अपनी वापसी की यात्रा शुरू की। अपनी गृह वापसी के मार्ग में अयोध्या की तरफ लौटते वक्त वन क्षेत्र में भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और भक्त हनुमान ने कई ऋषि तथा मुनियों से मुलाकात की। इन सभी संतों ने भगवान राम की अपने पिता के प्रति अटूट भक्ति और उनके अद्वितीय पराक्रम की खुलकर प्रशंसा की। चौदह वर्ष के एक लंबे और कठिन इंतजार के बाद जब मर्यादा पुरुषोत्तम राम अपनी जन्मभूमि अयोध्या पहुंचे तो पूरा राज्य खुशी के जश्न में डूब गया। इस ऐतिहासिक प्रसंग की याद में पूरे राज्यभर में घी के दीपक प्रज्वलित किए गए और तभी से दीपावली का पर्व मनाने की परंपरा की शुरुआत हुई।
भरत मिलाप और भावनात्मक दृश्य
भ्राता राम के अपने नगर में वापस आने की सूचना मिलते ही भरत जी दौड़ते हुए उनकी ओर चले आए और अपने प्रभु से लिपट गए। इस अत्यंत मार्मिक और भावनात्मक दृश्य को देखकर वहां मौजूद सभी भक्तों की आंखें छलक आईं और वे भावुक हो गए। उस समय रामलीला बाड़े का पूरा माहौल पूरी तरह शांत और गहरा भावनात्मक हो गया था। भरत जी ने अपने रुंधे हुए गले से अपनी विरह की सारी वेदना भगवान राम, माता सीता, अनुज लक्ष्मण और हनुमान जी के समक्ष विस्तार से रखी। इस मिलन के बाद राजमहल के भीतर भी खुशी की एक नई लहर दौड़ गई और सभी लोग प्रभु के स्वागत की तैयारियों में पूरी तरह जुट गए। विभिन्न धार्मिक प्रसंगों की लीलाओं के शानदार मंचन के बाद हुए इस राज्याभिषेक ने उपस्थित सभी लोगों के मन में गहरी छाप छोड़ी।