प्रस्तावित दौरे से पहले उच्च स्तरीय बैठक
आगामी नवंबर महीने के शुरुआती दिनों में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की सर्वोच्च पद पर आसीन कुलाधिपति का संभावित दौरा तय माना जा रहा है। इस अहम कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शैक्षणिक संस्थान के भीतर अभी से प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी सिलसिले में अवध विश्वविद्यालय के मुख्य कौटिल्य प्रशासनिक भवन के भीतर बने बड़े सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस पूरी बैठक की अध्यक्षता कुलपति द्वारा की गई जिसमें संस्थान के तमाम प्रमुख अधिकारी और विभिन्न संकायों के अध्यक्ष प्रत्यक्ष रूप से और ऑनलाइन माध्यम से जुड़े थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी उच्च पदस्थ दौरे से जुड़ी सभी तैयारियों का जायजा लेना और परिसर की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करना था ताकि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रह जाए। इस दौरान संस्थान के भीतर होने वाले विभिन्न आयोजनों और प्रशासनिक कार्यों की रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
कुलपति बिजेंद्र सिंह की अगुवाई और हाइब्रिड माध्यम से संपन्न हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कई प्रमुख बिंदुओं पर एक-एक करके गहन विचार-विमर्श किया गया। कुलपति ने सबसे पहले परिसर के भीतर रहने वाले विद्यार्थियों और कर्मियों के लिए स्वच्छ तथा सुचारु पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की वर्तमान स्थिति की पूरी जानकारी ली। इसके साथ ही वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्थित वाहन पार्किंग स्थलों के निर्माण और उनकी स्थिति का भी बारीकी से आकलन किया गया। परिसरों की वैज्ञानिक और प्रायोगिक शिक्षा को मजबूत बनाने के वास्ते आधुनिक प्रयोगशालाओं की सक्रियता और उनकी कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता से जुड़ी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना की मौजूदा प्रगति रिपोर्ट भी अधिकारियों से तलब की गई। छात्रों के रहने के स्थानों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से छात्रावास सुविधाओं के उच्चीकरण के कार्यों की प्रगति पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई।
सुरक्षा और दीपोत्सव तैयारियों के निर्देश
परिसर की सुरक्षा को ताक पर न रखते हुए विभिन्न भवनों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता की भी क्रमवार समीक्षा की गई ताकि हर कोने पर पैनी नजर रखी जा सके। इसके अलावा अलग-अलग संकायों और शैक्षिक भवनों के कमरों में विद्यार्थियों के बैठने के लिए फर्नीचर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में मौजूद सभी विभागाध्यक्षों और समन्वयकों से उनके विभागों के कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की गई और अवशेष कार्यों को तय गुणवत्ता के साथ यथाशीघ्र पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए। दीपोत्सव के आयोजन को लेकर क्रमबद्ध तैयारी करने और सही तरीके से मार्किंग कार्य पूरा करने पर जोर दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान परिसर के सौंदर्यीकरण, सुरक्षा व्यवस्था और छात्र-छात्राओं की सुविधाओं को मजबूत बनाने के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता न बरतने की चेतावनी दी गई। इस अवसर पर कुलसचिव विनय कुमार सिंह, वित्त अधिकारी पुणेंद्र शुक्ल, कुलानुशासक प्रोफेसर एसएस मिश्र, कला संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर मृदुला मिश्रा सहित कई अन्य प्रमुख प्रोफेसर और अधिकारी उपस्थित रहे।