बिजली के पोलों पर अनियंत्रित तारों का मकड़जाल बना खतरा गोरखपुर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में सरकारी बिजली के खंभों पर विभिन्न प्रकार के इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और अन्य निजी केबल ऑपरेटरों द्वारा अनधिकृत रूप से तारों का एक बहुत बड़ा जाल बिछा दिया गया है। इन बेतरतीब ढंग से लटकाए गए तारों के कारण न केवल बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि क्षेत्र में हर समय बड़े हादसों की आशंका भी बनी रहती है। इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए विद्युत विभाग के स्थानीय कार्यालय के अधिशासी अभियंता ने स्थिति का कड़ा जायजा लिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि इस तरह से बिजली के खंभों का व्यावसायिक उपयोग करने के लिए कभी भी अनुमति नहीं दी गई थी और यह पूरी तरह से अवैध है। स्थानीय निवासियों और तकनीकी जानकारों का भी मानना है कि इन उलझे हुए तारों के कारण फॉल्ट ठीक करने में बिजली कर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ती है, जिससे कई बार पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति घंटों बाधित हो जाती है और नागरिकों को अनावश्यक रूप से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
प्रशासनिक सख्ती और तय की गई अंतिम समय सीमा विद्युत वितरण प्रणाली की सुरक्षा और सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिजली विभाग ने अब इस दिशा में निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग की तरफ से सभी संबंधित पक्षों, केबल संचालकों और स्थानीय लोगों को एक स्पष्ट समय सीमा के भीतर अपने सभी अनाधिकृत तार हटाने के निर्देश दिए गए हैं। आधुनिक तकनीकी युग में जहां हर घर तक इंटरनेट और डिजिटल सेवाएं पहुंच रही हैं, वहीं बुनियादी ढांचे के नियमों की अनदेखी करना शहर के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा दोनों के लिए बड़ा संकट पैदा कर रहा है। उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों में शामिल इस क्षेत्र में बिजली के खंभों पर इस प्रकार के केबलों का बेतरतीब फैलाव कई बार शॉर्ट सर्किट और आग लगने की घटनाओं का कारण भी बनता है। विभाग द्वारा जारी की गई इस चेतावनी का मुख्य उद्देश्य किसी भी बड़ी दुर्घटना को टालना और विद्युत आपूर्ति तंत्र को पूरी तरह से दुरुस्त रखना है। तय की गई समय सीमा समाप्त होने के बाद विभाग बिना किसी अतिरिक्त सूचना के बड़े पैमाने पर विशेष अभियान चलाकर इन सभी अवैध तारों को मौके से काटने का काम शुरू करेगा।
समय सीमा के बाद होगी सख्त कार्रवाई और अभियान यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित लोगों या ऑपरेटरों द्वारा अपने तार नहीं हटाए जाते हैं, तो विद्युत विभाग द्वारा सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके तहत न केवल सभी अवैध तारों को जब्त कर लिया जाएगा, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार भारी जुर्माना लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बिजली के पोल केवल और केवल विद्युत पारेषण और वितरण के लिए अधिकृत हैं, और उन पर किसी भी अन्य निजी या वाणिज्यिक नेटवर्क को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई से शहर के अन्य इलाकों में भी एक कड़ा संदेश जाएगा कि सार्वजनिक संपत्तियों और बिजली के बुनियादी ढांचे का दुरुपयोग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी दिनों में विभाग के तकनीकी दस्ते पुलिस बल के साथ मिलकर संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी पोल पूरी तरह से तारों के इस खतरनाक जाल से मुक्त हों ताकि नागरिकों को सुरक्षित और निर्बाध बिजली सेवा मिल सके।