साठ मिनट में परखी गई हिंदी लेखन और अनुवाद प्रतिभा गोरखपुर एयरपोर्ट के सभागार में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के दौरान कार्यालयीन कर्मियों के लिए एक समयबद्ध लिखित परीक्षा का संचालन किया गया। इसमें सभी प्रतिभागियों को ठीक साठ मिनट की समयावधि प्रदान की गई थी, जिसके भीतर उन्हें अपने हिंदी लेखन और सटीक अनुवाद कौशल का प्रदर्शन करना था। प्रशासनिक कामकाज के दौरान पत्राचार और टिप्पणियों में शुद्ध हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस गतिविधि की रूपरेखा तैयार की गई थी। निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कर्मचारियों ने अपनी क्षमता के अनुसार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास किया और विभिन्न जटिल प्रशासनिक वाक्यों का सहज हिंदी में रूपांतरण किया। इस दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया का गंभीरता से निरीक्षण किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पखवाड़े के उद्देश्यों की पूर्ति पूरी पारदर्शिता और निष्ठा के साथ हो रही है। कम समय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों के लेखन नमूनों को बाद में मूल्यांकन के लिए सुरक्षित रखा गया ताकि भविष्य के आयोजनों के लिए एक मानक तैयार किया जा सके।
राजभाषा के प्रचार-प्रसार की दिशा में प्रशासनिक प्रयास भारत सरकार के विभिन्न उपक्रमों और कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के दैनिक उपयोग को बढ़ाने के लिए हर वर्ष सितंबर महीने के दौरान हिंदी पखवाड़ा मनाने की परंपरा रही है। इसी राष्ट्रीय नीति के तहत गोरखपुर एयरपोर्ट प्रबंधन ने भी अपने कार्मिकों को अपनी मातृभाषा में कार्य करने के लिए प्रेरित करने हेतु इस रचनात्मक गतिविधि का आयोजन किया था। आधुनिक दौर में जब अंग्रेजी भाषा का प्रभाव प्रशासनिक तंत्र पर लगातार हावी होता जा रहा है, तब इस तरह के आयोजनों का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। नियमित रूप से ऐसी प्रतियोगिताएं आयोजित होने से न केवल कर्मचारियों की भाषाई झिझक दूर होती है, बल्कि शासकीय कामकाज में भी सरलता और पारदर्शिता आती है। देश के विभिन्न हिस्सों में फैले विमानन क्षेत्र के कार्यालयों में भी इस प्रकार के सांस्कृतिक और भाषाई कार्यक्रमों के माध्यम से कर्मचारियों के बीच आपसी सामंजस्य को मजबूत किया जाता है। राजभाषा नियमों का सही अनुपालन सुनिश्चित करना किसी भी सरकारी या अर्द्धसरकारी संस्थान के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होती है और इसी दिशा में गोरखपुर एयरपोर्ट का यह कदम बेहद सराहनीय और प्रेरणादायक माना जा रहा है।
कर्मचारियों का उत्साह और भविष्य के रचनात्मक आयोजन इस साठ मिनट की चुनौतीपूर्ण प्रतियोगिता के समापन के बाद एयरपोर्ट परिसर के सभी कर्मियों में एक अलग ही प्रकार का उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली। इस प्रकार के बौद्धिक आयोजनों से कर्मचारियों को अपनी छिपी हुई कला और भाषा पर पकड़ को मजबूत करने का बेहतरीन अवसर प्राप्त होता है। प्रबंधन का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से कार्यालय के भीतर एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण बनता है, जिससे संपूर्ण कार्यसंस्कृति पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है। आने वाले दिनों में राजभाषा विभाग की ओर से इसी श्रृंखला के तहत कुछ और नई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा सकता है, जिसमें वाद-विवाद, टिप्पण लेखन और सुलेख जैसी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा आगामी दिनों में की जाएगी और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को विशेष रूप से सम्मानित भी किया जाएगा। इस सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मंच और प्रोत्साहन मिले, तो हमारे कर्मचारी प्रशासनिक कार्यों में भी हिंदी भाषा का प्रयोग पूरी कुशलता और सहजता के साथ करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।