कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'अरुणाचल बॉर्डर पर भारत और चीन आमने-सामने बने हुए हैं', आईटीबीपी डीजी के बयान पर सियासत गरमाई      सौरभ दास और आशुतोष रांका की बढ़ेंगी मुश्किलें? आज SEM कोर्ट में पेशी      अमिताभ बच्चन का बंगला उड़ाने की धमकी: दिलजीत दोसांझ को जान से मारने का ई-मेल; 5 दिन पहले टाइगर श्रॉफ पर हुई...      गोल्डी ने कहा था- घर गिरा दो, वापस नहीं आऊंगा: लॉरेंस के साथ गैंगस्टर बना, अमेरिका को तलाश; पंजाब में घर खा...      न टैंक, न मिसाइल, फिर भी यूरोप के 13 देशों में बजा भारत के हथियारों का डंका, 1600% उछला एक्सपोर्ट      चुनाव आयुक्तों की शिकायत वाले लेटर पर बड़ा खुलासा, ज्ञानेश कुमार को ही भेज दी गई कॉपी      MLC Election Live: यूपी में मतदान सुस्त, पटना मे अनंत सिंह के समर्थकों ने की आतिशबाजी, 4 राज्यों में मतदान      तेलंगाना में 'अब्दुल' का क्या हुआ? मुस्लिमों को नेता बनाने की बात पर ओवैसी से कांग्रेस ने पूछा     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

जल शुद्धि अभियान: रामगढ़ताल में नैनो बबल तकनीकी से बढ़ेगी ऑक्सीजन, पानी होगा नहाने योग्य

उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के प्रयास तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में रामगढ़ताल की तस्वीर बदलने के लिए प्रशासन ने एक आधुनिक पहल शुरू की है, जिसके तहत पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाकर इसे पूरी तरह साफ किया जाएगा।

A
Ankit Yadav
16 सित 2026, 13:13
जल शुद्धि अभियान: रामगढ़ताल में नैनो बबल तकनीकी से बढ़ेगी ऑक्सीजन, पानी होगा नहाने योग्य
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में पर्यावरण संरक्षण और जल निकायों के सौंदर्यीकरण की दिशा में लगातार कदम बढ़ाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अधिकारियों द्वारा एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रसिद्ध रामगढ़ताल की जल गुणवत्ता को सुधारना है। इस योजना के तहत ताल के पानी में घुली हुई ऑक्सीजन की मात्रा को कृत्रिम रूप से बढ़ाया जाएगा, ताकि वहां मौजूद अशुद्धियों को खत्म किया जा सके। जानकारों का मानना है कि जल स्रोतों में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण प्रदूषण और बदबू की समस्या पैदा होती है, जिसे इस वैज्ञानिक विधि से दूर किया जाएगा।

नैनो बबल तकनीक का होगा इस्तेमाल

इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए अत्याधुनिक नैनो बबल तकनीकी का सहारा लिया जाएगा। यह तकनीक बेहद सूक्ष्म बुलबुले पानी के भीतर छोड़ती है जो लंबे समय तक पानी में टिके रहते हैं और ऑक्सीजन के स्तर को तेजी से ऊपर उठाते हैं। इस आधुनिक उपाय के माध्यम से पानी के भीतर पनपने वाले हानिकारक तत्वों और गंदगी का प्रभावी ढंग से सफाया किया जा सकेगा। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य इस झील के पानी को इतना शुद्ध करना है कि आम नागरिक और पर्यटक इसमें आसानी से स्नान कर सकें और इसके आसपास के वातावरण का आनंद ले सकें। पारिस्थितिकीय संतुलन और पर्यटन की दृष्टि से इस परियोजना को बेहद अहम माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से इस बात की आवश्यकता महसूस की जा रही थी कि ताल के गिरते जल स्तर और बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाई जाए। इस तकनीक के प्रयोग से न केवल पानी की साफ़-सफाई बेहतर होगी बल्कि जलीय जीवों को भी एक अनुकूल और स्वस्थ पर्यावरण मिल सकेगा। स्थानीय नागरिकों और प्रकृति प्रेमियों ने भी प्रशासन की इस सकारात्मक पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। आने वाले दिनों में इस परियोजना के तहत जमीनी स्तर पर कार्यों में तेजी लाई जाएगी और विशेषज्ञ इसकी नियमित मॉनिटरिंग करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यदि यह चरण सफल रहता है तो राज्य के अन्य हिस्सों में भी ऐसे ही प्रदूषित जल निकायों को पुनर्जीवित करने के लिए इसी तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। जनता को भी यह सलाह दी जा रही है कि वे जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने में अपना सहयोग दें ताकि लंबे समय तक इन झीलों का सौंदर्य और पवित्रता बरकरार रह सके।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज