उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर में स्थित प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी कानपुर) के प्रांगण से हाल ही में विकसित भारत संकल्प यात्रा का भव्य स्तर पर आरंभ किया गया। इस विशेष अभियान का प्राथमिक लक्ष्य सरकार द्वारा संचालित तमाम जनहितकारी योजनाओं, जैसे आवास योजना, उज्ज्वला योजना, वित्तीय समावेशन और स्वास्थ्य बीमा को जमीनी स्तर पर अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्थानीय प्रशासनिक नुनिंदों और संस्थान के प्रतिनिधियों ने मिलकर इस राष्ट्रव्यापी अभियान की रूपरेखा पर प्रकाश डाला और नागरिकों से इसमें सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में उपस्थित जनों ने संकल्प लिया कि वे देश को विकसित राष्ट्र बनाने के इस महान यज्ञ में अपनी पूरी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे और समाज के वंचित तथा जरूरतमंद वर्गों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाएंगे ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को लाभ से वंचित न रहना पड़े।
इस व्यापक संकल्प यात्रा के आयोजन के पीछे सरकार की मूल मंशा देश के हर कोने में सुशासन, पारदर्शिता और विकास की गति को और अधिक तीव्र करना है। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो इस तरह के जागरूकता अभियान ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सरकारी पहलों के प्रति समझ और पहुंच बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होते हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर जैसे देश के अग्रणी तकनीकी और शैक्षणिक संस्थान जब ऐसे सामाजिक और राष्ट्रीय अभियानों से सीधे तौर पर जुड़ते हैं, तो इससे न केवल युवाओं और शोधार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना मजबूत होती है, बल्कि तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक योजनाओं के बीच एक बेहतरीन तालमेल भी स्थापित होता है। पिछले कुछ वर्षों में देश भर में चलाई गई ऐसी विकास यात्राओं के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिनके तहत लाखों नए लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया है और उन्हें मुख्यधारा में शामिल किया गया है।
आने वाले दिनों में इस यात्रा के माध्यम से कानपुर और आसपास के ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में विशेष जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे, जहां लोगों को योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी और मौके पर ही कई सेवाओं के लिए पंजीकरण या आवेदन करने की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे इस अभियान को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाएं ताकि हर पात्र नागरिक तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंच सके। इस पहल से न केवल जनता और सरकार के बीच की दूरी कम होगी, बल्कि लोगों में अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता भी काफी हद तक बढ़ेगी, जो अंततः देश को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के हमारे सामूहिक राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में मील का पत्थर साबित होगी।