मंदिर परिसर में विधायक ने चलाया सफाई अभियान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्वच्छता को जन आंदोलन का रूप देने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत एक स्थानीय विधायक ने मंदिर परिसर में झाड़ू लगाकर और कचरा साफ करके श्रमदान किया। इस आयोजन के दौरान विधायक के साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरे प्रांगण में फैली गंदगी को साफ करने में अपना योगदान दिया। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर आंतरिक परिसरों और गर्भगृह के आसपास के हिस्सों की विधिवत सफाई की गई ताकि वहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस दौरान स्वच्छता के महत्व को रेखांकित करते हुए उपस्थित लोगों को अपने आसपास के धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई। इस कार्यक्रम ने स्थानीय स्तर पर लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया है और कई अन्य संगठनों ने भी भविष्य में ऐसे अभियानों से जुड़ने की इच्छा जताई है।
सेवा संकल्प अभियान और सामुदायिक सहभागिता की रूपरेखा भारत में स्वच्छ भारत मिशन की प्रेरणा से विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों द्वारा समय-समय पर विशेष स्वच्छता अभियानों का आयोजन किया जाता है। सेवा संकल्प अभियान भी इसी प्रकार की एक महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और उन्हें शारीरिक श्रम के माध्यम से सामुदायिक कार्यों में जोड़ना है। धार्मिक स्थल हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहर के केंद्र होते हैं, जहां रोजाना सैकड़ों और हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखना न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से आवश्यक है बल्कि यह हमारी आस्था और संस्कृति का भी प्रतीक माना जाता है। जब कोई जनप्रतिनिधि स्वयं जमीन पर उतरकर झाड़ू उठाता है और सफाई करता है, तो उसका समाज पर एक सकारात्मक और गहरा प्रभाव पड़ता है। इस प्रकार के अभियानों से आम नागरिकों के मन में यह भावना विकसित होती है कि साफ-सफाई केवल प्रशासन या सफाई कर्मियों की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का यह मौलिक कर्तव्य है कि वह अपने परिवेश को स्वच्छ रखे और प्लास्टिक तथा अन्य कचरे के उचित निस्तारण में सहयोग करे।
जन-जागरूकता पर दूरगामी प्रभाव और आगामी योजनाएं गोरखपुर में आयोजित इस स्वच्छता अभियान के सफल समापन के बाद आयोजकों ने आने वाले दिनों में जिले के अन्य सार्वजनिक स्थलों, पार्कों और ऐतिहासिक धरोहरों के पास भी ऐसे ही कार्यक्रम चलाने की योजना बनाई है। स्थानीय स्तर पर मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि यह अभियान आने वाले हफ्तों में और अधिक व्यापक रूप लेगा। प्रशासन और जन प्रतिनिधियों का मानना है कि जब तक इस कार्य में जनभागीदारी सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक स्वच्छता के स्थायी परिणामों की कल्पना करना कठिन है। इस तरह के आयोजनों से विशेष रूप से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है और वे सामाजिक सरोकारों से जुड़कर अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करते हैं। मंदिर प्रबंधन समिति और स्थानीय निवासियों ने विधायक की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियानों से न केवल क्षेत्र में साफ-सफाई की स्थिति में सुधार होता है, बल्कि आपसी भाईचारा और सामुदायिक एकता की भावना भी मजबूत होती है। आने वाले समय में स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी इस प्रकार के सेवा अभियानों से जोड़ने की रूपरेखा तैयार की जा रही है ताकि बचपन से ही बच्चों में स्वच्छता के संस्कार मजबूत किए जा सकें।