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वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों का संपर्क टूटा, प्रशासन सतर्क

काशी यानी वाराणसी में लगातार हो रही बारिश और ऊपरी बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण मां गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई घाटों का आपस में संपर्क टूट गया है।

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Kantap News डेस्क
10 अग 2026, 17:25
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों का संपर्क टूटा, प्रशासन सतर्क

धार्मिक नगरी वाराणसी में पिछले कुछ दिनों से पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के बाद गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है। गंगा में आए इस उफान के कारण प्रसिद्ध घाटों की सीढ़ियां डूब चुकी हैं और आपस में घाटों का पैदल संपर्क मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है। दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट और मणिकर्णिका घाट पर गंगा आरती का स्वरूप भी बदल गया है, जिसे अब छतों और ऊंचे स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है। मणिकर्णिका घाट पर शवदाह के लिए आने वाले लोगों को पानी भरने के कारण ऊपरी छतों पर अस्थायी व्यवस्था का सहारा लेना पड़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर प्रति घंटे तेजी से बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें पूरी तरह से मुस्तैद हो गई हैं।

नाव संचालन पर रोक और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बढ़ते खतरे को भांपते हुए वाराणसी जिला प्रशासन ने गंगा नदी में सभी प्रकार के मोटरबोट और नावों के संचालन पर अग्रिम आदेशों तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। जल पुलिस और एनडीआरएफ के जवानों को लगातार रिवर पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी व्यक्ति या पर्यटक जोखिम उठाकर नदी में न उतरे। घाटों के किनारे सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग कर दी गई है और लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए लाउडस्पीकर के जरिए लगातार मुनादी कराई जा रही है। बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों या बाढ़ आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने की योजना तैयार कर ली गई है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

प्रशासनिक अधिकारियों ने तटीय इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने की अपील की है। पशुओं के चारे और पीने के शुद्ध पानी की व्यवस्था के लिए भी संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। काशी के संतों और नाविक समाज ने भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर अत्यधिक भीड़भाड़ लगाने से बचें। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और मौसम के मिजाज को देखते हुए आगे के कदम उठाए जाएंगे।

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