मध्य रात्रि में पुलिस का प्रवेश और समर्थकों का कड़ा विरोध
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी डॉक्टर संजीव कुमार के आधिकारिक आवास पर बारह बजे के आसपास सुरक्षा बलों की टीम पहुंची। बल के सदस्यों का कहना था कि निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से कुछ बाहरी लोग इस परिसर के भीतर ठहरे हुए हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिसकर्मी पहचान पत्र और आधार कार्ड की जांच करने के लिए अंदर प्रवेश करना चाहते थे। डॉक्टर संजीव कुमार के भाई राजीव कुमार के साथ उनका यह संयुक्त आवास स्थित है। घर के बाहर उस वक्त मौजूद समर्थकों ने इस प्रकार की अचानक और देर रात की गई जांच का पुरजोर विरोध किया। समर्थकों का तर्क था कि बिना किसी पूर्व आदेश या वैध कागजात के इस तरह अंदर आना नियमों के विरुद्ध है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि मतदान प्रक्रिया के लिए निर्धारित प्रचार अवधि समाप्त होने के बावजूद कुछ अन्य जिलों के लोग यहां रुके हुए हैं। पुलिसकर्मियों का कहना था कि यदि कागजात सही पाए गए तो वे तुरंत वापस लौट जाएंगे। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी नोक-झोंक होती रही और माहौल काफी तनावपूर्ण बन गया।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला
इस पूरी घटना के सामने आने के बाद राज्य के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए सत्ताधारी दल पर जोरदार निशाना साधा है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया खाते पर वीडियो जारी करते हुए आरोप लगाया कि बिना किसी सर्च वारंट के पुलिस दल को विपक्षी दल के उम्मीदवार के घर भेजा गया। उनके अनुसार यह सब विरोधी खेमे को मानसिक रूप से परेशान करने और उन्हें हताश करने का एक असफल प्रयास मात्र है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की हरकतें इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि वर्तमान सरकार प्रशासनिक तंत्र का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग कर रही है। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस प्रकार के डराने वाले हथकंडों से पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता किसी भी स्थिति में डरने वाले नहीं हैं। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि डॉक्टर संजीव के समर्थक पुलिस अधिकारियों से बहस कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि उनके पास छापेमारी के लिए कौन सा कानूनी आदेश है। समर्थकों का आरोप लगाया गया कि भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार तथा निवर्तमान विधान पार्षद नवल किशोर यादव द्वारा भारी संख्या में फर्जी मतदाताओं को पटना शहर में ठहराया गया है, लेकिन पुलिस कभी भी उनके आवास पर पूछताछ करने के लिए नहीं जाती है।
प्रधानमंत्री पर निशाना और चुनाव से पहले बढ़ी सरगर्मी
घटना के बाद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी गंभीर आरोप लगाए। तेजस्वी यादव ने जनता के बीच बात रखते हुए कहा कि बिहार प्रदेश की पूरी कमान ऐसे गलत हाथों में सौंप दी गई है जो इस राज्य को पूरी तरह से बर्बाद कर देंगे। उनका यह भी मानना था कि मतदान के ठीक पहले इस प्रकार की मध्य रात्रि की चेकिंग की कोई आवश्यकता नहीं थी। इस पूरे घटनाक्रम ने आगामी विधान परिषद चुनावों के माहौल को पूरी तरह से गर्मा दिया है और राजनीतिक गलियारों में इस पर भारी चर्चा हो रही है। आम नागरिकों और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें भी इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन इस मामले में आगे क्या रुख अपनाता है। डॉक्टर संजीव कुमार के आवास पर हुई इस घटना के बाद से दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग और अधिक तेज हो गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे इस तानाशाही रवैए के खिलाफ डटकर मुकाबला करेंगे और चुनाव में जनता के बीच इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। प्रशासनिक अधिकारी अभी भी अपनी इस कार्रवाई को सामान्य सत्यापन प्रक्रिया का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि विपक्षी दल इसे सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दे रहे हैं।