आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज पटना स्थित संकल्प, लोक सेवक आवास में बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी 2026 का प्रारूप तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के उपयोग को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सरकारी सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यवस्थित रूप से लागू करना है। बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया जाएगा कि कैसे तकनीक के माध्यम से सरकारी कामकाज को अधिक पारदर्शी, सरल और सुगम बनाया जा सकता है। इसके अलावा, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और कौशल विकास को तकनीक के साथ जोड़ने की संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी। यह प्रस्तावित नीति भविष्य में बिहार के तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और लोगों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाने के प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करेगी। सरकार का लक्ष्य एआई के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार लाना है, जिससे आम नागरिक को सीधे तौर पर लाभ मिले और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में तेजी आए।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कामकाज की समीक्षा
एआई पॉलिसी पर चर्चा पूरी करने के बाद, मुख्यमंत्री सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कार्यों की समीक्षा करेंगे। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और फैसलों की जानकारी को आम जनता तक पहुंचाने के तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाना है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं की सटीक जानकारी सही समय पर नागरिकों तक पहुंचे। इस बैठक में विभाग की वर्तमान प्रचार-प्रसार व्यवस्था, जनसंपर्क से जुड़ी गतिविधियों और सूचना तंत्र की कार्यप्रणाली पर बारीकी से विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दे सकते हैं कि सरकारी तंत्र किस तरह अपनी पहुंच का विस्तार करे ताकि राज्य का कोई भी व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। विभाग के सूचना तंत्र को आधुनिक बनाने और सरकारी संदेशों को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने के लिए नई रणनीतियां अपनाई जा सकती हैं, ताकि शासन और जनता के बीच सूचना का आदान-प्रदान और भी बेहतर हो सके।
211 डिग्री कॉलेजों के भवन निर्माण की योजना
दिन की अंतिम बैठक राज्य में नवसृजित 211 डिग्री कॉलेजों के भवन निर्माण से संबंधित होगी। उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री के समक्ष इन कॉलेजों के निर्माण के लिए तैयार किए गए मॉडल डिजाइन और संशोधित प्राक्कलन प्रस्तुत किए जाएंगे। इन प्रस्तावों के माध्यम से कॉलेजों के लिए आवश्यक भौतिक सुविधाओं, कक्षा-कक्षों और पर्याप्त स्थान के विकास पर चर्चा की जाएगी। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल का होना अनिवार्य है, जिसके लिए आधुनिक भवनों का निर्माण प्राथमिकता पर है। मुख्यमंत्री के सामने पेश होने वाले इन डिजाइनों और लागत संबंधी अनुमानों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। इन 211 नए डिग्री कॉलेजों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करना शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी पहल है, जिससे विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी। इस निर्माण योजना के क्रियान्वयन से छात्रों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी, जो राज्य के शैक्षणिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।