Lucknow Desk : राजनीतिक गलियारों में इन दिनों कई राज्यों के राज्यपालों को लेकर चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में कई राज्यों के नए राज्यपालों के नाम तय हो सकते हैं। नितिन नवीन की टीम के गठन के बाद राज्यपालों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ने की बात कही जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के पार्लियामेंट्री बोर्ड के दो सदस्यों को राज्यपाल बनाकर अलग-अलग राज्यों में भेजे जाने की चर्चा है। हालांकि, फिलहाल यह मामला चर्चा के स्तर पर है और अंतिम फैसला होना बाकी है। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को लेकर भी बदलाव की अटकलें तेज हैं।
वह 2018 से राज्यपाल के पद पर हैं और 2021 से उत्तर प्रदेश में ही जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इससे पहले वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राज्यपाल रह चुकी हैं। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश को जल्द नया राज्यपाल मिल सकता है। कर्नाटक के राज्यपाल को भी बदले जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि बीजेपी का एक तेज-तर्रार नेता बेंगलुरु के लोकभवन की जिम्मेदारी संभाल सकता है। इस नाम पर अंतिम दौर में विचार चलने की बात कही जा रही है। चर्चा यह भी है कि संबंधित नेता बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
मध्य प्रदेश के नए राज्यपाल के नाम पर भी लगभग सहमति बनने की चर्चा है। वहीं, तमिलनाडु के नए राज्यपाल के नाम को लेकर सबसे ज्यादा विचार-विमर्श होने की बात सामने आ रही है। चेन्नई के लोकभवन की जिम्मेदारी जिस नेता को दी जा सकती है, उसका नाम बीजेपी के कई बड़े नेताओं को भी चौंका सकता है। इसके साथ ही बीजेपी के पार्लियामेंट्री बोर्ड में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। चर्चा है कि बोर्ड के पांच सदस्यों को बदला जा सकता है। हालांकि, राज्यपालों और पार्लियामेंट्री बोर्ड से जुड़े सभी फैसलों पर अंतिम मुहर शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही लगेगी।