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लखनऊ में सपा के पोस्टर पर सियासी घमासान, क्या PDA के ‘P’ पर ही पड़ गया असर?

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Administrator
02 सित 2026, 13:21
लखनऊ में सपा के पोस्टर पर सियासी घमासान, क्या PDA के ‘P’ पर ही पड़ गया असर?

Lucknow Desk : लखनऊ में समाजवादी पार्टी के दफ्तर के बाहर लगा एक पोस्टर इन दिनों सियासी चर्चा का विषय बना हुआ है। पोस्टर में भगवान श्रीराम को आक्रामक मुद्रा में दिखाया गया है, जबकि सामने पंडे-पुजारी जैसे कुछ लोग हाथ जोड़े नजर आ रहे हैं। पोस्टर में ‘चढ़ावा चोरों’ और उनके सहयोगियों को लेकर सात पीढ़ियों तक महाविनाश की चेतावनी दी गई है। पोस्टर सामने आने के बाद बीजेपी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है। बीजेपी का आरोप है कि पोस्टर के जरिए ब्राह्मण समाज और धार्मिक भावनाओं का अपमान किया गया है।

पार्टी ने सपा से इस मामले में माफी मांगने की मांग की है। बीजेपी इसे सिर्फ एक पोस्टर का मामला नहीं, बल्कि सपा की राजनीतिक सोच से जोड़कर देख रही है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए इसे साजिश बताया है। सपा का कहना है कि असली मुद्दा राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ा सवाल है और बीजेपी मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

लेकिन इस पूरे विवाद ने सपा की PDA राजनीति को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। समाजवादी पार्टी लंबे समय से पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक के साथ ‘P’ यानी पंडित समाज को भी अपने सामाजिक समीकरण का हिस्सा बताती रही है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इस पोस्टर की भाषा और तस्वीर ने उसी ‘P’ को असहज कर दिया है? 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले धार्मिक मुद्दों की राजनीति और तेज हो सकती है। ऐसे में यह विवाद सिर्फ पोस्टर तक सीमित रहेगा या आने वाले चुनाव में बड़ा मुद्दा बनेगा, इस पर सबकी नजर रहेगी।

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