कंटाप
NEWS
बुधवार, 2 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल बाढ़: वायरल हुए इस सीसीटीवी फ़ुटेज के बाद यहां क्या हुआ?      राम मंदिर ट्रस्ट को मिले 3 नए ट्रस्टी, महेश भागचंदका समेत इन लोगों को मिली जिम्मेदारी      PoK से गुजरने वाला BRI मंजूर नहीं, SCO समिट में चीनी प्रोजेक्ट के खिलाफ डटकर खड़ा हुआ भारत      होर्मुज पर अमेरिका के 'टोटल कंट्रोल' का ट्रंप का दावा, बोले- ईरान सिर्फ अपनी हार टाल रहा      दिशा सालियान मौत मामले में बड़ा मोड़: बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI जांच के दिए आदेश, FIR भी होगी दर्ज      SCO समिट: पानी के लिए गिड़गिड़ाए पाक PM शहबाज, आतंकवाद पर हैरान करने वाला बयान      दिल्ली-UP समेत 21 राज्यों में आंधी-पानी का अलर्ट... अगले 48 घंटे में होगी घनघोर बारिश, 80 Kmph की स्पीड से चलेगी हवा      कल का मौसम, 2 सितंबर: बुधवार को भी जमकर बरसेंगे बदरा, UP-उत्तराखंड समेत इन इलाकों में अलर्ट     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

महंगाई और जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों पर देश में गरमाई सियासत सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर बोला तीखा हमला आम आदमी की पहुंच से दूर होती बुनियादी जरूरतें और बढ़ता राजनीतिक घमासान

सांसद इमरान मसूद ने देश में बढ़ती महंगाई और जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है।

A
Ankit Yadav
02 सित 2026, 15:57
महंगाई और जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों पर देश में गरमाई सियासत सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर बोला तीखा हमला आम आदमी की पहुंच से दूर होती बुनियादी जरूरतें और बढ़ता राजनीतिक घमासान
देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति और लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर राजनीति गर्माती जा रही है। हाल ही में एक तीखे बयान में सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार और उसकी नीतियों पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी से जुड़े बुनियादी सामान और जरूरतें कई गुना महंगी हो चुकी हैं, जिससे आम जनता का जीना मुश्किल हो गया है। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और विपक्षी दल सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रहे हैं।

जीडीपी ग्रोथ और महंगाई पर सवाल

देश में आर्थिक विकास के दावों और जमीन पर दिख रही असलियत के बीच का फासला लगातार बड़ा होता जा रहा है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े तो बड़े गर्व से पेश करती है, लेकिन आम नागरिकों की थाली से लेकर उनके तन के कपड़ों तक की कीमतें आसमान छू रही हैं। रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी आवश्यकताएं भी अब आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। अर्थशास्त्रियों और राजनेताओं का एक बड़ा वर्ग इस बात पर चिंता जता रहा है कि विकास के इन आंकड़ों का लाभ समाज के हर वर्ग तक नहीं पहुंच पा रहा है, बल्कि असमानता लगातार बढ़ती जा रही है। महंगाई के मोर्चे पर आम जनता को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। पेट्रोल-डीजल से लेकर रसोई गैस और खाद्य पदार्थों की कीमतें लगातार उच्च स्तर पर बनी हुई हैं। इसके चलते मध्यम वर्ग और गरीब तबके का मासिक बजट पूरी तरह से बिगड़ चुका है। जानकारों का मानना है कि जब तक बुनियादी उपभोक्ता वस्तुओं के दाम नियंत्रित नहीं किए जाते, तब तक कागजी विकास के आंकड़े जनता को संतुष्ट नहीं कर सकते। आम नागरिकों की ओर से लगातार यह मांग उठाई जा रही है कि सरकार को महंगाई पर लगाम लगाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि जीवनयापन को सुगम बनाया जा सके। इस राजनीतिक बयानबाजी के बाद आने वाले दिनों में देश की आर्थिक नीतियों को लेकर संसद से लेकर सड़क तक घमासान देखने को मिल सकता है। विपक्षी दल इस मुद्दे को जनता के बीच जोर-शोर से उठाने की तैयारी में हैं, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से भी इन आरोपों का कड़ा जवाब दिए जाने की संभावना है। आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार को रोजगार सृजन और महंगाई नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ताकि देश की अर्थव्यवस्था वास्तव में समावेशी और जनहितैषी बन सके। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इन तीखे राजनीतिक हमलों का किस प्रकार सामना करती है और आर्थिक मोर्चे पर क्या नए कदम उठाती है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज