कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में आजम खान से की मुलाकात, दोनों के बीच एक घंटे तक हुई बात      Investigation : BIPARD में गेस्ट फैकल्टी बन अधिकारियों ने 3 साल में कमाये 8 करोड़, पैनल में नाम नहीं फिर भी हुआ पेमेंट      EC के अफसर पर बिना चर्चा फैसले लेने का आरोप: RTI से खुलासा- दो चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सेक्रेटरी से शिकाय...      Bihar MLC Election 2026 Live: चुनाव के बीच STF की बड़ी कार्रवाई, JDU से निष्कासित छोटू सिंह को पटना के जक्कनपुर से उठाया      तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत, सैकड़ों ज़ख़्मी      यमन के पास भारतीय नाविकों वाला याट दुर्घटनाग्रस्त, दूतावास ने क्या बताया      फिर चालबाजी कर रहा चीन, अरुणाचल सीमा पर बढ़ा तनाव, कई जगहों पर आमने-सामने के हालात      'मेरी नीतियों के केंद्र में देश के युवा', बोले PM मोदी     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

राजनीतिक यात्रा: वडनगर से मुख्यमंत्री बनने तक का सफर और संघ से जुड़ाव

भारतीय राजनीति के शीर्ष पर पहुंचने से पहले नरेंद्र मोदी के शुरुआती जीवन, वडनगर से उनके जुड़ाव और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ उनकी यात्रा के बारे में विशेष जानकारी सामने आई है।

A
Ankit Yadav
17 सित 2026, 13:42
राजनीतिक यात्रा: वडनगर से मुख्यमंत्री बनने तक का सफर और संघ से जुड़ाव
भारतीय राजनीति की दिशा और दशा तय करने वाले नेताओं में शुमार नरेंद्र मोदी का शुरुआती जीवन और उनका संघर्षपूर्ण राजनीतिक सफर हमेशा से लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा है। गुजरात के एक छोटे से कस्बे वडनगर से निकलकर देश के सर्वोच्च राजनीतिक पद तक पहुंचने की यह कहानी अनुशासन, समर्पण और अथक परिश्रम की मिसाल है। उनके जीवन के इन शुरुआती अध्यायों को लेकर अक्सर लोग यह जानना चाहते हैं कि सत्ता के गलियारों में आने से पहले उनकी पृष्ठभूमि क्या थी और उन्होंने किस प्रकार अपने राजनीतिक करियर की नींव रखी थी।

संघ से जुड़ाव और शुरुआती संघर्ष

बचपन के दिनों से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा के संपर्क में आने वाले नरेंद्र मोदी ने बहुत कम उम्र में ही संगठन के साथ जुड़कर काम करना शुरू कर दिया था। संघ के प्रचारक के रूप में उन्होंने जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वडनगर की गलियों से लेकर गुजरात के विभिन्न हिस्सों तक, उन्होंने एक साधारण स्वयंसेवक से लेकर एक कुशल रणनीतिकार के रूप में अपनी पहचान गढ़ी। इस दौरान उन्होंने कई तरह की सामाजिक और सांगठनिक जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाया, जिससे उनके राजनीतिक दृष्टिकोण को एक नई दिशा मिली।

मुख्यमंत्री बनने तक का लंबा सफर

संघ में संगठन कौशल और प्रशासनिक समझ को निखारने के बाद उन्होंने मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश किया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर विभिन्न सांगठनिक पदों पर काम करते हुए उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने में अहम योगदान दिया। उनकी कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली। मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल ने राज्य के विकास को एक नई गति दी और उनके प्रशासनिक मॉडल की देश-विदेश में चर्चा होने लगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वडनगर के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले नरेंद्र मोदी का यह सफर इस बात का प्रमाण है कि समर्पित भाव और जनसेवा की भावना से राजनीति में किस प्रकार ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है। आज भी उनके शुरुआती जीवन के संघर्ष और संघ के संस्कारों की छाप उनकी कार्यशैली में स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। इस प्रकार की जीवनगाथाएं न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनी हुई हैं।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज