Lucknow Desk : शिक्षक दिवस के मौके पर रायबरेली के जगतपुर ब्लॉक के मनिहर सरकी गांव में उस समय माहौल गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल बंद किए गए एक स्कूल में कार्यक्रम मनाने पहुंचे। पुलिस प्रशासन ने उन्हें विद्यालय परिसर में जाने की अनुमति नहीं दी और मौके पर ही रोक दिया। इसको लेकर सपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। श्यामलाल पाल का कहना था कि वह शिक्षक दिवस के अवसर पर गांव के बच्चों और शिक्षकों के बीच पहुंचकर कार्यक्रम करना चाहते थे। उनका आरोप है कि प्रदेश सरकार ने बड़ी संख्या में प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों को बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
सपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि स्कूलों को बंद करने से सबसे ज्यादा नुकसान गांव के गरीब और सामान्य परिवारों के बच्चों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय विद्यालयों को बंद कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। विद्यालय परिसर में जाने से रोके जाने पर श्यामलाल पाल ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस जैसे अवसर पर बच्चों और शिक्षकों के बीच जाना कोई गलत काम नहीं है। इसके बावजूद उन्हें कार्यक्रम करने से रोका गया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
प्रदेश अध्यक्ष ने बंद किए गए प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों को लेकर सरकार से जवाब मांगा और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। वहीं, सहारनपुर में मस्जिद तोड़े जाने के मामले और सांसद इमरान मसूद के बयान को लेकर भी श्यामलाल पाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार और प्रशासन को निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए और किसी भी समुदाय के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। मनिहर सरकी गांव में हुए इस घटनाक्रम के बाद इलाके में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। सपा ने स्कूलों को बंद किए जाने और शिक्षक दिवस के कार्यक्रम को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।