Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट मीटरों की जांच रिपोर्ट पर गंभीर आपत्ति जताते हुए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) से शिकायत की है। परिषद ने मांग की है कि यूपी में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों की जांच की पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। पावर कॉरपोरेशन ने सरकार को रिपोर्ट सौंपने के बाद शुक्रवार देर रात स्मार्ट मीटर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की थी। रिपोर्ट सामने आने के बाद अब जांच की प्रक्रिया को लेकर ही सवाल उठने लगे हैं।
उपभोक्ता परिषद का कहना है कि स्मार्ट मीटरों की जांच तय मानकों के अनुसार हुई है या नहीं, इसकी स्वतंत्र रूप से जांच जरूरी है। परिषद ने शनिवार को CEA को भेजी अपनी शिकायत में जांच रिपोर्ट के साथ मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की हाईटेक प्रयोगशाला के मान्यता प्राप्त कार्यक्षेत्र से जुड़ी जानकारी भी दी है। परिषद ने प्राधिकरण से यह जांचने की मांग की है कि जिस प्रयोगशाला में स्मार्ट मीटरों का परीक्षण किया गया, क्या उसके पास इस तरह के मीटरों की जांच करने की मान्यता थी या नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक अलग-अलग कंपनियों के कुल 24 स्मार्ट मीटरों की जांच इसी प्रयोगशाला में कराई गई। जांच के बाद इन मीटरों को निर्धारित मानकों के अनुसार सही पाया गया।
हालांकि, उपभोक्ता परिषद ने इसी निष्कर्ष पर सवाल उठाते हुए जांच की वैधता और प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग की है। परिषद का दावा है कि राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (NABL) पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि संबंधित प्रयोगशाला को स्मार्ट मीटरों की जांच के लिए मान्यता या लाइसेंस नहीं दिया गया है। ऐसे में परिषद ने CEA से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है, ताकि यह साफ हो सके कि स्मार्ट मीटरों का परीक्षण निर्धारित नियमों और तकनीकी मानकों के तहत किया गया था या नहीं। मामले में अब निगाहें केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की जांच और उसके रुख पर हैं। अगर जांच में प्रक्रिया से जुड़ी कोई कमी सामने आती है, तो स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता और उनकी जांच व्यवस्था को लेकर आगे भी बड़े सवाल उठ सकते हैं।