कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
रिलायंस की रिफाइनरी में रुबियो का जोरदार स्वागत, अंबानी संग कई अहम मुद्दों पर हुई बात      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      हूती विद्रोहियों से सऊदी अरब को बचाने के लिए ब्रिटेन तैनात करेगा टाइफून लड़ाकू विमान      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
विदेश

सीमा पर कूटनीतिक हलचल: भारत और चीन के बीच सीमा विवाद सुलझाने के लिए उच्च स्तरीय वार्ताओं का दौर जारी

एशियाई दिग्गजों के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए राजनयिक और सैन्य स्तर पर बातचीत तेज कर दी गई है।

X
Kantap News डेस्क
13 अग 2026, 17:27
सीमा पर कूटनीतिक हलचल: भारत और चीन के बीच सीमा विवाद सुलझाने के लिए उच्च स्तरीय वार्ताओं का दौर जारी
वास्तविक नियंत्रण रेखा पर लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को दूर करने के लिए दोनों पड़ोसी देशों के राजनयिक लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। हाल ही में हुई वार्ताओं में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि सैन्य संघर्ष से बचते हुए आपसी सहमति से विवादित क्षेत्रों का समाधान निकाला जाए। भारतीय पक्ष ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, चीनी पक्ष ने भी द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की इच्छा जताई है, हालांकि जमीन पर वास्तविक बदलाव अभी भी धीमी गति से हो रहे हैं।

सैन्य कमांडरों की अगली बैठक की तैयारी

कूटनीतिक चैनलों के साथ-साथ दोनों सेनाओं के वरिष्ठ कमांडरों के बीच अगले दौर की बैठक की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस बैठक में डिसइंगेजमेंट यानी सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और बफर जोन के प्रबंधन पर मुख्य रूप से चर्चा होने की संभावना है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वास की कमी के कारण समाधान खोजने में समय लग रहा है, लेकिन बातचीत का सिलसिला जारी रहना ही सबसे सकारात्मक संकेत है। क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से दोनों देशों का रुख पूरी दुनिया के लिए मायने रखता है।

आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव

सीमा पर तनाव का असर दोनों देशों के व्यापारिक और आर्थिक रिश्तों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से पड़ता रहा है, जिसे सामान्य करने के लिए उद्योग जगत लगातार दबाव बना रहा है। आने वाले महीनों में होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच द्विपक्षीय मुलाकात की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज