रानोपाली क्षेत्र में घटी घटना की पूरी जानकारी
उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के अंतर्गत आने वाली कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के रानोपाली इलाके में एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ स्थित एमआरडी स्कूल, आशापुर में ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र को निशाना बनाया गया। घटना 28 अक्टूबर 2026 की दोपहर को करीब 2:20 बजे हुई जब विद्यालय की छुट्टी होने के बाद वह छात्र अपने घर की ओर पैदल जा रहा था। जब वह रास्ते में रियाज फर्नीचर की दुकान के सामने पहुँचा तो वहाँ पहले से मौजूद कुछ लोगों ने उसे घेर लिया। उसी विद्यालय में पढ़ने वाले एक छात्र ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने पीड़ित छात्र को रोककर पहले अभद्र गालियाँ दीं और फिर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस अचानक हुए हमले से इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया और पीड़ित के सिर में गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोग तुरंत उस छात्र की मदद के लिए आगे आए और बीच-बचाव करके किसी तरह मामले को शांत कराया। लोगों के हस्तक्षेप के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए और जाते वक्त पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी।
चाचा की लिखित शिकायत पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
इस घटना के तुरंत बाद पीड़ित छात्र के परिवार में रोष फैल गया और मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराई गई। घायल छात्र के चाचा ने थाने पहुँचकर पूरी घटना के संबंध में एक लिखित शिकायत दी। शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति की पहचान धीरेंद्र सिंह पटेल के रूप में हुई है जो स्वामी नाथ वर्मा के पुत्र हैं और बुधिराम पुरवा रानोपाली के मूल निवासी हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को विस्तार से बताया कि उनका भतीजा सौरभ पटेल किस प्रकार स्कूल से पढ़ाई पूरी करके अपने घर लौट रहा था। पुलिस को दी गई तहरीर में मुख्य आरोपी के रूप में दिव्य सूर्यवंशी का नाम सामने आया है जो सराय राशि, थाना महाराजगंज, जिला अयोध्या के रहने वाले संदीप सिंह का बेटा है। दिव्य भी उसी विद्यालय में ग्यारहवीं कक्षा का छात्र है जिसके साथ उसके दो अन्य साथी भी इस हमले में शामिल थे। इन तीनों ने मिलकर सौरभ पटेल पर लकड़ी की पट्टी से हमला किया था जिससे उसके सिर में काफी चोट लग गई। परिवार की शिकायत और दिए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तत्काल प्रभाव से तीन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
मामले की जांच और पुलिस द्वारा आरोपियों की तलाश
प्राप्त शिकायतों और शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर अयोध्या पुलिस ने इस पूरे प्रकरण की गहनता से जाँच शुरू कर दी है। कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद इस मामले की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक पवन कुमार को सौंप दी है जो अब इस पूरी घटना की हर पहलू से पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर इन छात्रों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ था जिसके कारण इतनी बड़ी हिंसा हुई। घायल छात्र को प्राथमिक उपचार के बाद उसके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है और उसके परिवार को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नामजद किए गए सभी आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। इस घटना से स्थानीय अभिभावकों में भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और वे स्कूल आने-जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को पकड़कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।