Muskan's Karva Chauth : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला कारागार की महिला बैरक में बंद 65 महिलाओं में से 37 ने करवा चौथ का व्रत रखा। मृत्युदंड की सजा पाए मुस्कान और रविता ने करवा चौथ का व्रत नहीं रखा है। जेल प्रशासन के मुताबिक, दोनों ने अपने बच्चों के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखने की तैयारी की है।
बता दें कि जिला कारागार में करवा चौथ के अवसर पर महिला बंदियों को पूजा और व्रत के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई गई। महिला बैरक में कुल 65 बंदी हैं, जिनमें से 37 ने करवा चौथ का व्रत रखने के लिए जेल प्रशासन से सामग्री मांगी थी। प्रशासन ने उनकी मांग के अनुसार करवे, खानपान और पूजा की सामग्री दी।
मुस्कान और रविता ने नहीं रखा करवा चौथ व्रत
मृत्युदंड की सजा पाए मुस्कान और रविता ने करवा चौथ नहीं रखा। जेल प्रशासन ने उन खबरों को गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि दोनों ने अपने प्रेमियों के लिए यह व्रत रखा है। दरअसल, मुस्कान और रविता ने अपने प्रेमियों के लिए करवा चौथ व्रत नहीं रखा। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के अनुसार, दोनों ने करवा चौथ का व्रत नहीं किया।
बच्चों के लिए रखेंगी अहोई अष्टमी का व्रत
जेल अधिकारियों के मुताबिक, मुस्कान और रविता ने अपने बच्चों के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखने की इच्छा जताई है। इसके लिए उन्होंने जेल प्रशासन से जरूरी पूजन सामग्री मांगी, जो उन्हें उपलब्ध करा दी गई। अहोई अष्टमी का व्रत रखने के लिए अन्य महिला बंदियों को भी मांगी गई सामग्री दी गई है।
मुस्कान और रविता से जुड़े मामलों के कारण इनकी जेल में त्योहार मनाने की खबर चर्चा में रही। जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि करवा चौथ को लेकर दोनों के व्रत रखने की बात सही नहीं है; वे बच्चों के लिए अहोई अष्टमी की तैयारी कर रही हैं।