संयुक्त अभियान में मिली बड़ी सफलता
मणिपुर में सुरक्षा बलों द्वारा संचालित एक सघन तलाशी अभियान में कुकी नेशनल फ्रंट यानी केएनएफ (एमसी) से जुड़े एक उग्रवादी को पकड़ने में कामयाबी मिली है। यह गिरफ्तारी उस समय संभव हुई जब सुरक्षा एजेंसियों की एक संयुक्त टीम ने क्षेत्र में एक सफेद बोलेरो कार की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उसे रोकने का निर्णय लिया। तलाशी के दौरान उस वाहन में से प्रतिबंधित मादक पदार्थ और आधुनिक हथियार मिले हैं। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान लेटखोथांग खोंगसाई के तौर पर हुई है, जो मूल रूप से डी ल्हांगजोल गांव का रहने वाला है। सुरक्षा बलों द्वारा पूछताछ के दौरान उसने स्वयं को केएनएफ (एमसी) संगठन का सदस्य बताया है। इस कार्रवाई ने मणिपुर के सुरक्षा परिदृश्य को लेकर एक बार फिर सतर्कता बढ़ा दी है, जहां लगातार अवैध गतिविधियों और हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर संयुक्त टीमें कार्य कर रही हैं।
बरामद हथियारों और नशीले पदार्थों का ब्यौरा
पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्ति के पास से बेहद खतरनाक और विदेशी मूल के घातक हथियार बरामद हुए हैं। इन हथियारों में विदेश में बनी एके सीरीज की राइफलें और एमए1 राइफलें प्रमुखता से शामिल हैं। इसके अलावा सुरक्षा बलों ने इन हथियारों के साथ इस्तेमाल होने वाले विभिन्न प्रकार के 240 कारतूस भी जब्त किए हैं। हथियार के अलावा, मादक पदार्थों की बड़ी खेप भी बरामद हुई है जिसमें 1.027 किलोग्राम वजन के ब्राउन शुगर के दो पैकेट शामिल हैं। इस गिरफ्तारी के साथ-साथ इंफाल पूर्वी जिले में भी एक अलग सुरक्षा ऑपरेशन चलाया गया। वहां की खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस और सीआरपीएफ की टीम ने छापेमारी की, जिसमें 11 और हथियारों को जप्त करने में सफलता हासिल की गई है। इन लगातार बरामदगी और गिरफ्तारियों ने राज्य की सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता को स्पष्ट कर दिया है, जो अवैध हथियारों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं।
उग्रवादी संगठन और शांति समझौते का संदर्भ
गिरफ्तार आरोपी जिस संगठन कुकी नेशनल फ्रंट (एमसी) से संबंध रखता है, वह कुकी और जोमी उग्रवादी समूहों के उस गुट का हिस्सा है जिसने सरकार के साथ एक विशेष समझौता किया हुआ है। इन संगठनों ने केंद्र सरकार और मणिपुर प्रशासन के साथ मिलकर सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस, जिसे संक्षेप में एसओओ कहा जाता है, उस पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत उग्रवादी समूहों को हिंसक गतिविधियों से दूर रहने का वचन देना होता है। बावजूद इसके, इस तरह की गैर-कानूनी हथियारों की मौजूदगी और नशीले पदार्थों की बरामदगी ने सुरक्षा तंत्र के लिए बड़ी चुनौतियां पैदा कर दी हैं। यह मामला तब सामने आया है जब राज्य के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा बल खुफिया सूचनाओं के आधार पर लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि समझौतों के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि राज्य की शांति व्यवस्था को किसी भी प्रकार से नुकसान न पहुंचे।